अपर मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट डीजे परमार की कोर्ट में सामाजिक कार्यकर्ता और कारोबारी हरेश मेहता ने भारतीय दंड संहिता की धारा-499 और 500 (आपराधिक मानहानि से जुड़ी) के तहत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के गुजरातियों को कथित तौर पर ठग कहने के मानहानि मामले में अहमदाबाद मेट्रोपॉलिटन कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। शिकायतकर्ता ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। मामले की अगली सुनवाई 8 मई को होगी। बताया जा रहा है कि कोर्ट उसी दिन मामले पर फैसला सुनाएगा।
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दरअसल, बिहार के उपमुख्यमंत्री के खिलाफ गुजरात की एक कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। अहमदाबाद की मेट्रो कोर्ट में दायर याचिका में तेजस्वी पर कथित रूप से गुजरात के लोगों को ठग और धूर्त बताया था। याचिका में उनके खिलाफ सख्त से सख्त सजा देने की मांग की गई है।
सामाजिक कार्यकर्ता ने की थी शिकायत
अपर मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट डीजे परमार की कोर्ट में सामाजिक कार्यकर्ता और कारोबारी हरेश मेहता ने भारतीय दंड संहिता की धारा-499 और 500 (आपराधिक मानहानि से जुड़ी) के तहत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उनके वकील पीआर पटेल ने कहा कि हमने सबूत के तौर पर बयान की पेनड्राइव जमा की है। तेजस्वी यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। अदालत ने शिकायत स्वीकार भी कर लिया है।
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आपराधिक मानहानि की शिकायत
मेहता ने यह शिकायत 21 मार्च को तेजस्वी के बयान के आधार पर दर्ज कराई है। तेजस्वी ने कथित तौर पर कहा था कि मौजूदा स्थिति में केवल गुजराती ही ठग हो सकते हैं। उनकी धोखाधड़ी को माफ कर दिया जाएगा। अगर वे एलआईसी या बैंकों का पैसा लेकर भाग जाएंगे तो कौन जिम्मेदार होगा? शिकायत में कहा गया है कि मीडिया के सामने दिए गए बयान में पूरे गुजराती समुदाय को ‘ठग’ कहा गया है। यह सभी गुजरातियों की सार्वजनिक रूप से मानहानि करता है। उन्हें अपमानित करता है।