गुजरात के कच्छ की 38 वर्षीय विधवा ने छह बच्चों की कस्टडी के लिए गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिला ने बड़ी बेटी पर करीब 15 लाख रुपये निकालने और बच्चों को साथ ले जाने से रोकने का आरोप लगाया है। क्या मां को बच्चों की कस्टडी मिल पाएगी?
गुजरात के कच्छ जिले की 38 वर्षीय विधवा महिला ने अपने छह नाबालिग बच्चों की कस्टडी के लिए गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया है। महिला का आरोप है कि उसकी 22 वर्षीय विवाहित बड़ी बेटी ने उसके बैंक खातों पर नियंत्रण कर करीब 15 लाख रुपये निकाल कथित तौर पर हड़प लिए और अब उसे उसके छोटे बच्चों को अपने साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
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महिला ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर अपने छह बच्चों की कस्टडी मांगी है। बच्चों की उम्र तीन से 14 वर्ष के बीच है। जस्टिस संगीता विशेन और जस्टिस उत्कर्ष टी. देसाई की खंडपीठ ने 25 अगस्त को महिला की बड़ी बेटी, दामाद, कच्छ के पुलिस अधीक्षक और जिले के नखत्राणा थाने के पुलिस निरीक्षक समेत अन्य को नोटिस जारी कर 8 सितंबर तक जवाब मांगा है।
याचिका के मुताबिक, महिला की पहली शादी से एक बेटी और दूसरी शादी से दो बेटे व चार बेटियां हैं। दूसरे पति की मौत के बाद विवाहित बड़ी बेटी ने उसे अपने परिवार के साथ रहने के लिए बुलाया। महिला अपने छह नाबालिग बच्चों के साथ बेटी के घर चली गई। कुछ महीनों बाद दोनों के रिश्ते बिगड़ गए। इस दौरान बड़ी बेटी ने महिला के करीब 15 लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद महिला बेटी का घर छोड़कर चली गई, लेकिन आरोप है कि उसे अपने नाबालिग बच्चों को साथ ले जाने नहीं दिया गया।