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Gujarat: गुजरात में विवाह पंजीकरण नियमों में किया जाएगा संशोधन, सरकार ने कहा- खामियों दूर करने का है प्रयास

Fri, 20 Feb 2026 02:37 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

गुजरात सरकार विवाह पंजीकरण अधिनियम में संशोधन करने की योजना बना रही है। सरकार का कहना है कि इस संशोधन से खामियां दूर करने का प्रयास है। 
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गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी - फोटो : ANI
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विस्तार
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गुजरात सरकार ने विवाह पंजीकरण अधिनियम में संशोधन करने की योजना बना रही है। सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह गुजरात विवाह पंजीकरण अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों में संशोधन करने की योजना बना रही है। यह कदम मौजूदा प्रणाली में खामियों को दूर करने के उद्देश्य से उठाया गया है। विधानसभा में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने नए मानदंडों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मासूम लड़कियां फंस रही हैं।  ऐसी प्रथाएं समाज में दीमक की तरह फैल रही हैं।उन्होंने कहा कि कई लोगों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से प्रक्रियात्मक खामियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए विवाह पंजीकरण नियमों में संशोधन करने का आग्रह किया था।

भाजपा अब इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं कर सकती-सांघवी

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सांघवी ने जिसे लव जिहाद करार दिया। उसका जिक्र करते हुए कहा कि यह एक सांस्कृतिक आक्रमण के समान है। भाजपा सरकार अब इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि ये संशोधन पंजीकरण प्रक्रिया में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों पर जनता से आपत्तियां और सुझाव 30 दिनों के लिए आमंत्रित किए जाते हैं।उन्होंने कहा, “लोग और संगठन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की वेबसाइट पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। विभाग प्राप्त इन सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद नए नियम लागू किए जाएंगे।”

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प्रस्तावित प्रक्रिया का दस्तावेज साझा किया
बाद में, मंत्री के कार्यालय ने संशोधित नियमों के तहत विवाह पंजीकरण के लिए प्रस्तावित प्रक्रिया का विवरण देने वाला एक दस्तावेज साझा किया। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, विवाह पंजीकरण के प्रत्येक आवेदन को सहायक रजिस्ट्रार के सामने पेश करना होगा। वहीं, आवेदकों को एक घोषणा पत्र संलग्न करना होगा जिसमें यह बताना होगा कि दूल्हा और दुल्हन ने अपने माता-पिता को विवाह के बारे में सूचित किया है या नहीं। इसके अलावा, दूल्हा और दुल्हन को आवेदन में अपने माता-पिता के नाम, पते, आधार कार्ड और संपर्क विवरण प्रदान करने होंगे।

दस कार्य दिवसों के भीतर सूचित करने का नियम 
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, सहायक रजिस्ट्रार के संतुष्ट होते ही दूल्हा और दुल्हन के माता-पिता को दस कार्य दिवसों के भीतर सूचित कर दिया जाएगा। सहायक रजिस्ट्रार आवेदन को संबंधित जिले या तालुका के रजिस्ट्रार को अग्रेषित करेगा। रजिस्ट्रार द्वारा उप-नियमों में निर्दिष्ट आवश्यकताओं के पूर्ण होने की पुष्टि के बाद विवाह का पंजीकरण 30 दिनों के भीतर किया जाएगा। प्रस्तावित नियमों के अनुसार रजिस्ट्रार इन सभी विवरणों को सरकार द्वारा बनाए जाने वाले एक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेगा। 
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आम आदमी पार्टी के विधायक हेमंत अहीर, जिन्होंने गुरुवार को इस संबंध में एक निजी सदस्य विधेयक पेश किया था, और भाजपा विधायक लविंगजी ठाकोर ने सदन में उपमुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि प्रस्तावित बदलाव समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि निर्दोष लड़कियों को असामाजिक तत्वों द्वारा बहला-फुसलाकर विवाह संपन्न कराया जा रहा है और उनका पंजीकरण किया जा रहा है, जो मौजूदा व्यवस्था में मौजूद खामियों का फायदा उठाते हैं।




 

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