फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नरोदा पाटिया दंगा मामले में फैसला आज, कोडनानी-बाबू बजरंगी सहित 32 लोग हैं दोषी

Fri, 20 Apr 2018 08:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
विज्ञापन
माया कोडनानी-बाबू बजरंगी
विज्ञापन

साल 2002 में गुजरात के अहमदाबाद में नरोदा पाटिया में हुए नरसंहार के मामले में आज फैसला आएगा। इस मामले में स्पेशल कोर्ट ने भाजपा विधायक माया कोडनानी और बाबू बजरंगी सहित 32 लोगों को दोषी ठहराया था। इन लोगों की अर्जी पर आज गुजरात हाईकोर्ट अपना फैसला देने वाली है। 28 फरवरी 2002 को नरोदा पाटिया इलाके में सबसे बड़ा नरसंहार हुआ था। 

विज्ञापन


27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस की बोगियां जलाने की घटना हुई थी। उसके अगले ही दिन दंगे की लपटों ने नरोदा पाटिया में दस्तक दी। जिसके बाद यहां नरसंहार हुआ था। जिसमें 97 लोगों की हत्या कर दी गई थी और 33 लोग जख्मी हुए थे। नरोदा पाटिया के नरसंहार को जहां गुजरात दंगों के दौरान सबसे भीषण नरसंहार कहा जाता है वहीं यह उतना ही विवादास्पद भी है। यह दंगों के दौरान का एक ऐसा केस है जिसकी जांच एसआईटी ने की थी।

इस मामले की सुनवाई अगस्त 2009 में शुरू हुई थी और इस मामले में 62 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के दौरान एक आरोपी विजय शेट्टी की मौत हो गई थी। पिछले साल इस मामले में स्पेशल कोर्ट ने गुजरात की पूर्व मंत्री माया कोडनानी और बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी सहित 32 लोगों को दोषी करार दिया गया था। जबकि 29 लोगों को रिहा कर दिया गया था।
विज्ञापन


कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए 32 लोगों की अर्जी पर आज गुजरात हाईकोर्ट फैसला सुनाएगी। इससे पहले स्पेशल कोर्ट ने माया कोडनानी को आजीवन कारावास और बाबू बजरंगी को आखिरी सांस तक कारावास की सजा सुनाई थी। एसआईटी ने कोर्ट में दंगे के बारे में कहा था कि घटना वाली सुबह विधानसभा में शोक सभा में शामिल होने के बाद साढ़े नौ बजे माया कोडनानी इलाके में गई थीं। जहां उन्होंने लोगों को अल्पसंख्यकों पर हमला करने के लिए उकसाया था।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें