गुजरात हाईकोर्ट ने रूपाणी सरकार की खिंचाई करते हुए कहा है कि सरकार अदालत और केंद्र सरकार की नहीं सुन रही है, इसलिए राज्य में कोरोना मामले की सुनामी है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को जितना सतर्क होना चाहिए, वह उतना नहीं थी।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस भार्गव कैरा की पीठ ने बेड की उपलब्धता, जांच की सुविधा, ऑक्सीजन व रेमडेसिविर टीके की उपलब्धता के बारे में राज्य सरकार के आंकड़ों पर संदेह जताया।
पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि भविष्य में हालात बदतर होने की आशंका को देखते हुए इस अदालत ने फरवरी में कुछ सुझाव दिए थे। हमने आपसे कहा था कि और कोविड अस्पतालों का इंतजाम करें। जांच बढ़ाएं और बेड की पर्याप्त सुविधा करें। साथ ही लोगों के मास्क पहनने को भी सुनिश्चित करने को कहा था। लेकिन ऐसा लगता है कि राज्य सरकार ने हमारे सुझावों पर ध्यान नहीं दिया। पीठ ने कहा, इसलिए हमें लगता है कि राज्य में कोरोना की सुनामी आ गई है।