गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए यौन हिंसा और अन्य अपराधों की शिकार पीड़िता को मुआवजा देने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को रुपाणी सरकार ने विक्टिम कॉम्पेंसेशन योजना के तहत चुकाई जाने वाली रकम को बढ़ाने का निर्णय लिया। इसके तहत सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की शिकार पीड़िता को 5 से 10 लाख रुपये तक मुआवजा दिया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले तक इस योजना के अंतर्गत 50 हजार से 3 लाख रुपये तक मुआवजा दिया जाता था। राज्य के गृहमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने कहा कि राज्य सरकार ने हिंसा और विकलांगता के मामलों में दी जाने वाली रकम में बढ़ोतरी की है। नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मुआवजे की रकम निर्धारित की है। राज्य सरकार इस रकम में कोई कटौती नहीं कर सकेगी।
राज्य सरकार ने महिला ही नहीं बल्कि सभी पीड़ितों को मौत, सामूहिक दुष्कर्म, एसिड हमला और विकलांगता के मामलों में मुआवजा देने का फैसला लिया है। वहीं पॉक्सो एक्ट के तहत विक्टिम समेत नाबालिग मामलों में योजना के तहत निर्धारित रकम से 50 फीसदी ज्यादा रकम चुकाई जाएगी। हिंसा के शिकार व्यक्ति का राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री अमृतम् योजना के तहत 3 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज हो सकेगा।