राज्य के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने विधानसभा में 2020- 21 का बजट पेश किया। अगले वित्त वर्ष के 2,17,287 करोड़ रुपये के इस बजट में 275 करोड़ रुपये अधिशेष रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। पटेल के पास राज्य के वित्त मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है। यह उनका आठवां बजट है और इसमें किसी तरह के नए कर का प्रस्ताव नहीं किया गया है।
बजट में विकास पर 1,33,283 करोड़ रुपये और विकास से अलग अन्य मदों पर 80,400 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष का बजट पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 12,472 करोड़ रुपये ज्यादा है।
पटेल ने अपने बजट भाषण में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर विशेष जोर देने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में गोमूत्र और गोबर की खाद आधारित खेती को बढ़ावा देने की भी बात कही।
इस तरह की जैविक खेती की ओर स्थानांतरित होने वाले किसान को सरकार की ओर से गायों के पालन-पोषण के लिए 10,800 रुपये की वार्षिक सहायता दी जाएगी। इसके तहत किसानों को हर माच 900 रुपये मिलेंगे। इस योजना के तहत 50,000 किसानों को लाने का लक्ष्य रखते हुए सरकार ने 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से प्राथमिक शिक्षा को सुधारने के लिए प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सात हजार नई कक्षाएं बनाई जाएंगी। इन पर 650 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा गुजरात विश्वविद्यालय में भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) के साथ मिलकर रक्षा अध्ययन संस्थान के लिए सरकार ने सात करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
इसी तरह डीआरडीओ के साथ मिलकर आधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी विभाग शुरू करने के लिए अवसंरचना प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं प्रबंधन संस्थान के लिए 12 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसके अलावा राज्य को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए सरकार ने एक नई योजना की घोषणा की जिसमें कचरा-प्लास्टिक बीनने वालों को सरकार की ओर से वित्तीय मदद मुहैया कराई जाएगी।
बिजली का बिल भी घटाया
गुजरात सरकार के बजट में दुकानों, कार्यालयों, शीत भंडारगृहों, धार्मिक स्थलों और धर्मशालाओं के लिए बिजली शुल्क घटाया गया है। दुकानों और कार्यालयों के लिए बिजली शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। इसका लाभ 30 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा और इससे राज्य के खजाने पर 320 करोड़ रुपये का भार आएगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 11,243 करोड़ रुपये
राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए बजट में 11,243 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं आयुष्मान भारत योजना के लिए 450 करोड़ रुपये और 150 नई एंबुलेंस खरीदने के लिए 27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।