गुजरात में सरोगेसी के जरिए पैदा हुई बच्ची को एयर एंबुलेंस के माध्यम से बंगलूरू लाया गया और उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। कोरोना वायरस की वजह से निराशा भरे समय में बच्ची को अपने गोद में लेकर दंपती की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
डॉक्टर पूजा नाडकर्णी सिंह ने बताया कि बच्ची का जन्म 29 मार्च को सरोगेसी के जरिए सूरत के एक अस्पताल में हुआ था और 17 दिन के बाद बच्ची के माता-पिता उसे देख पाए। कोरोना वायरस की वजह से बंद के कारण वह गुजरात आ पाने में सक्षम नहीं थे।
उन्होंने बताया कि एक साल पहले बंगलूरू की दंपती ने उनसे आईवीएफ और सरोगेसी के जरिए बच्चे के लिए संपर्क किया था। बच्ची का जन्म 29 मार्च को हुआ। दंपती यहां नहीं पहुंच सके तो उन्होंने एयर एंबुलेंस के माध्यम से बच्ची को बंगलूरू भेज दिया।
मंगलवार को डॉक्टर सिंह खुद बच्ची को लेकर हवाईअड्डे गई थीं और वहां एयर एंबुलेंस से आए डॉक्टरों को बच्ची सौंप दी। अहमदाबाद हवाईअड्डा निदेशक अमन सैनी ने कहा कि एयर एंबुलेंस दिल्ली से यहां पहुंची थी और बच्ची की सुरक्षा के सभी नियमों का पालन किया गया।
देश में जारी लॉकडाउन की वजह से जहां यात्री विमान सेवाओं को रोक दिया गया है, वहीं ऐसी स्थितियों में चिकित्सा आपातकालीन सेवाओं को अनुमति दी गई है। सैनी ने कहा, 'डॉक्टर सिंह ने गोपनीयता के कारण बच्ची के माता-पिता की पहचान उजागर नहीं की।'