गुजरात के मानसा के चार युवक-युवती जो ईरान में बंधक बनाए गए थे, सरकार के हस्तक्षेप के बाद सुरक्षित लौट आए। ये सभी ऑस्ट्रेलिया जाने के प्रयास में मानव तस्करों के झांसे में आ गए थे। अपहरणकर्ताओं ने दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी।
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गुजरात के गांधीनगर जिले के मानसा तालुका के बापुपुरा गांव के चार युवक-युवती जो ईरान में बंधक बनाए गए थे, आखिरकार सुरक्षित रूप से भारत लौट आए हैं। ये सभी युवक ऑस्ट्रेलिया जाने की कोशिश में मानव तस्करों के जाल में फंस गए थे। विदेश में हुए इस अपहरण मामले ने गुजरात में हड़कंप मचा दिया है और अब पुलिस इसकी गहराई से जांच कर रही है।
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मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ितों में अजयकुमार कांतिभाई चौधरी (31), प्रियाबेन अजयकुमार चौधरी (25), अनिलकुमार राघजीभाई चौधरी (35) और निखिलकुमार रमणभाई चौधरी (28) शामिल हैं। ये चारों 19 अक्तूबर को मानसा से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे और फिर बैंकॉक व दुबई होते हुए एमिरेट्स एयरलाइंस से तेहरान पहुंचे। वहां इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इन्हें ‘बाबा’ नाम के व्यक्ति ने अगवा कर लिया।
दो करोड़ की फिरौती की मांग
सूत्रों के मुताबिक, अपहरणकर्ताओं ने पीड़ितों के परिवारों से लगभग दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। परिजनों के अनुसार, ईरान से भेजे गए वीडियो में चारों पीड़ितों को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा जा रहा था। इस भयावह स्थिति के बाद मानसा के विधायक जे.एस. पटेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी ताकि पीड़ितों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।
कैसे बचे सभी लोग?
केंद्रीय और राज्य स्तर पर हुए हस्तक्षेप के बाद सभी चारों को ईरान से रिहा कराया गया और वे सुरक्षित रूप से अहमदाबाद पहुंचे। गांधीनगर पुलिस ने कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। चारों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई और इसमें शामिल मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में शामिल एजेंटों पर जल्द बड़ी कार्रवाई होगी।
क्या बोले मानसा के विधायक?
मानसा के विधायक जे.एस. पटेल ने कहा कि उनके क्षेत्र के तीन युवक और एक महिला ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए एजेंट के संपर्क में आए थे। एजेंट ने उन्हें कई देशों के रास्ते ईरान पहुंचाया, जहां उनका अपहरण हो गया। सरपंच प्रकाश चौधरी ने बताया कि गांव वालों को देर रात जानकारी मिली और इसके बाद गृह मंत्री तक बात पहुंचाई गई। सरकार और एजेंसियों ने लगातार प्रयास कर चारों की रिहाई सुनिश्चित की।