चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान कर दिया है। राज्य में 9 और 14 दिसंबर को दो चरणों में मतदान होगा और 18 दिसंबर को मतगणना।
गुजरात विधानसभा चुनाव को 2019 में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव का क्वार्टर फाइनल माना जा रहा है। वहीं इस बार का आम चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नाक का सवाल बन गया है।
हर हाल में लगातार छठवीं बार भाजपा को विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष शाह ने व्यूह रचना कर दी है। अब देखना है कि क्या कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इस चक्रव्यूह को तोडक़र पप्पू जैसी छवि से ऊबर पाते हैं।
क्या है मोदी और शाह की व्यूह रचना
पिछले दो महीने के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच बार गुजरात गए हैं। उन्होंने वहां उद्घाटन और विकास कार्यों की घोषणाओं का अंबार लगाकर गुजरात में संदेश देने की कोशिश की है कि वह उनके लिए कितना अहम है।
प्रधानमंत्री इस चुनाव को पूरी तरह से गुजरात की अस्मिता के धरातल पर ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यहां तक कि जीएसटी के रेट में कटौती के फैसले में भी गुजरात का खास ख्याल रखा गया था। वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह न केवल गुजरात गौरव यात्रा निकाल चुके हैं, बल्कि यह चुनाव उनके राष्ट्रीय नेता के रूप में स्थापित होने की मान्यता को आधार देगा।
-13 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2017 के बीच केन्द्र और राज्य सरकार ने एक के बाद दर्जन भर घोषणाएं की हैं।
-गुजरात की जनता को कांग्रेस के दिग्गज नेता माधव सिंह सोलंकी के खाम(केएचएएम-क्षत्रिय, हरिजन, आदिवासी और मुस्लिम समीकरण) की याद दिला रही है। ताकि ऊंची जाति के पटेल वोटों को रोका जा सके।
-पहली बार पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा लगभग भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों , केन्द्रीय मंत्रियों, पार्टी के प्रमुख नेताओं को बतौर स्टार प्रचारक राज्य में उतारा है।
- पार्टी ने उच्चस्तरीय और आक्रामक प्रचार का खाका तैयार किया है। कई केन्द्रीय मंत्री करीब दो महीने से नियमित राज्य का दौरा कर रहे हैं। यहां तक कि टेक्सटाइल से लेकर हर बड़ी योजना गुजरात को केन्द्र में रखकर तैयार हो रही है।