गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को जामनगर पहुंचे और एक रैली को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों को लोगों के सामने रखा। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने ब्रिटिश जमाने के पुराने पड़ चुके करीब 2,000 कानूनों को खत्म किया है। इन कानूनों के तहत छोटे मामलों में भी उद्योगपतियों को जेल जाना पड़ता था। उन्होंने यह भी कहा कि कारोबार सुगमता के मामले में भारत की रैंकिंग बेहतर बनाए रखी गई है और उनके 2014 में सत्ता में आने के बाद से इसमें खासा सुधार हुआ है।
भारत की स्थिति पिछले पांच साल में 142 से सुधरकर 63 पर
पीएम मोदी ने गुजरात के जामनगर में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में कारोबार सुगमता को लेकर विश्वबैंक की सालाना रैंकिंग में भारत की स्थिति पिछले पांच साल में 142 से सुधरकर 63 पर आ गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका इरादा देश को कोराबार सुगमता की रैंकिंग में शीर्ष 50 में लाना है। गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
उन्होंने कहा कि ब्रिटिश (शासन) के समय से कानून चले आ रहे थे, जिनका कोई मतलब नहीं रह गया था। मैंने उसकी समीक्षा के लिए अपनी टीम को लगाया। मैं नहीं चाहता था कि छोटे-मोटे मामलों में व्यापारियों को जेल जाना पड़े। हमने पुराने पड़ चुके 2,000 कानून को समाप्त किया। मुझे इस मामले में और भी बहुत कुछ करना है। अगर यहां बैठे व्यापारियों को ऐसे किसी कानून के बारे में पता है, मुझे बताइए।
परोक्ष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों ने कारोबार के माहौल में सुधार के मुद्दे की उपेक्षा की। उन्होंने कहा कि पहले कारोबार सुगमता की बात ही नहीं होती थी। हमने कानून में बदलाव किया, जिससे भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ। जब मैं प्रधानमंत्री बना भारत कारोबार सुगमता के मामले में 142वें पायदान पर था और आज हम 63वें स्थान पर हैं। अगर हम मेहनत करें, भारत 50 के नीचे आ सकता है।