गुजरात चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सॉफ्ट हिंदुत्व पर चलने और विकास के नाम पर भाजपा को रोकने की जो रणनीति बनाई थी उसमें काफी हद तक सफल हुए हैं। नतीजों से साफ है कि कांग्रेस बहुमत से 13 कम और भाजपा बहुमत से छह सीट अधिक है। राहुल का मंदिरों में पूजा पाठ करना कहीं न कहीं पार्टी को मुस्लिम तुष्टीकरण की छाप से अलग ले गया।
वहीं विकास के नाम पर उनके सवालों ने 150 सीटों का दावा करने वाली भाजपा को दहाई के अंक 99 पर अटका दिया। कांग्रेस की हार के कारणों को खंगाले तो चुनौती और नुकसान उसके घर यानी कांग्रेस नेताओं से ही मिली। जिससे भाजपा दूसरे चरण में कांग्रेस को उसके एजेंडे से भटकाने में कामयाब रही। कांग्रेस नेताओं के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष बयानों ने चुनाव को ट्रैक से भटकाया।
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