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गुजरात में अपनों से ही लुटी कांग्रेस- मणिशंकर अय्यर, पूनावाला ने बढ़ाई ज्यादा परेशानी

Tue, 19 Dec 2017 03:36 AM IST
अनूप वाजपेयी / नई दिल्ली
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rahul gandhi
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गुजरात चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सॉफ्ट हिंदुत्व पर चलने और विकास के नाम पर भाजपा को रोकने की जो रणनीति बनाई थी उसमें काफी हद तक सफल हुए हैं। नतीजों से साफ है कि कांग्रेस बहुमत से 13 कम और भाजपा बहुमत से छह सीट अधिक है। राहुल का मंदिरों में पूजा पाठ करना कहीं न कहीं पार्टी को मुस्लिम तुष्टीकरण की छाप से अलग ले गया। 
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वहीं विकास के नाम पर उनके सवालों ने 150 सीटों का दावा करने वाली भाजपा को दहाई के अंक 99 पर अटका दिया। कांग्रेस की हार के कारणों को खंगाले तो चुनौती और नुकसान उसके घर यानी कांग्रेस नेताओं से ही मिली। जिससे भाजपा दूसरे चरण में कांग्रेस को उसके एजेंडे से भटकाने में कामयाब रही। कांग्रेस नेताओं के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष बयानों ने चुनाव को ट्रैक से भटकाया।

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मणिशंकर अय्यर के घर हुई दावत का समय भी कांग्रेस नेताओं के लिए मुफीद नहीं था

यंग थिंकर्स में पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर
पहले चरण के चुनाव नतीजों से तुलना करें तो दूसरे चरण में कांग्रेस पिछड़ी है। यह वही दौर था जब कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमर्यादित टिप्पणी कर निजी हमला बोला। कांग्रेस इस नुकसान को तत्काल भांप गई थी। भरपाई की कोशिशें जरूर हुईं लेकिन भाजपा इसे मुद्दा बनाने में सफल रही। मणिशंकर अय्यर के घर हुई दावत का समय भी कांग्रेस नेताओं के लिए मुफीद नहीं था। कांग्रेस की ओर से डा. मनमोहन सिंह को डैमेज कंट्रोल को उतरे जरूर लेकिन पाकिस्तान के चुनाव में आने का नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ा है।

चुनाव के दौरान राम मंदिर मुद्दे की तारीख पर कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से पैरवी करना और 2019 तक कोर्ट की तारीफ बढ़ाने की अपील भी कांग्रेस को नुकसान पहुंचा गई। कांग्रेस सिब्बल को पेशेवर वकील बताया बावजूद इसका मैसेज राहुल के सॉफ्ट हिंदुत्व के एजेंडे को सीधी चोट पहुंचा गया।

चुनावी माहौल में कांग्रेस अध्यक्ष की ताजपोशी को लेकर कांग्रेस उत्साहित और फायदा देख रही थी लेकिन जिस तरह कई दिनों तक लगातार शाहजाद पूनावाला की एंट्री गुजरात चुनाव के दौरान रही उससे भी कहीं ने कहीं मतदाताओं की दुविधा बढ़ी होगी। 
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