पीएम मोदी के गृह प्रदेश गुजरात में जीत का पंच लगाने के लिए भाजपा बूथ चलो अभियान चलाएगी। वर्ष के अंत में होने वाले प्रदेश विधानसभा के चुनाव लंबे अरसे बाद पीएम मोदी की गैर मौजूदगी में हो रहे हैं। मोदी की गैर मौजूदगी के वजह से विपक्ष को उम्मीदें बंधी हुई हैं। तो यूपी में ऐतिहासिक जीत के बाद से भाजपा के हौसले सातवें आसमान पर हैं।
बावजूद उसके पार्टी अध्यक्ष अमित शाह चुनावी रणनीति में कोई चूक नहीं छोडना चाहते हैं। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में पहली दफे लडे जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए शाह ने मुकम्मल रणनीति बनाई है। शाह की इस रणनीति में बूथ चलो अभियान पर फोकस ज्यादा है। प्रदेश भाजपा को आगामी सितंबर तक के कार्यक्रम थमा दिए गए हैं।
रूपाणी के नेतृत्व में ही होगा चुनाव
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार गुजरात विधानसभा का अगला चुनाव मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में ही होगा। अन्य राज्यों की तरह चेहरा पीएम मोदी का रहेगा और नेता के रूप में चुनाव की अगुवाई रूपाणी करेंगे। सूत्र बताते हैं कि उचित समय पर पार्टी का संसदीय बोर्ड रूपाणी के अगुवाई का औपचारिक एलान करेगा।
रूपाणी को अगुवाई थमाने से स्पष्ट हो गया है कि वे आगे भी गुजरात के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। समय—समय पर सियासी गलियारे में यह बात तैरती रहती है कि शाह की नजर गुजरात पर है। मगर जिस तरह से पीएम मोदी और शाह की जोडी देश में हीट हो रही है। उसे देखकर लगता नहीं की शाह राष्ट्रीय राजनीति छोडना पसंद करेंगे। उनके कार्यशैली से स्पष्ट हो चला है कि उनका लक्ष्य अब मोदी को 2019 में दोबारा से जीत दिलाना है।