गुजरात विधानसभा चुनाव में अल्पेश, जिग्नेश, हार्दिक की युवा तिकड़ी की चुनौती से पार पाने को भाजपा ने उनकी बिरादरी को ज्यादा टिकट देकर साधने की कोशिश की है।
शुक्रवार को 70 उम्मीदवारों की पहली सूची में पार्टी ने युवा तिकड़ी से जुड़ी जातियों को करीब एक तिहाई टिकट बांटे हैं। किसी प्रकार की बगावत की संभावना से बचने के लिए थोक में विधायकों के टिकट काटने से परहेज किया है।
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हार्दिक पटेल आंदोलन, जिग्नेश दलित आंदोलन और अल्पेश ओबीसी आंदोलन के जरिये अचानक प्रमुख सियासी चेहरे बन बैठे हैं और भाजपा के लिए चुनौती बन रहे हैं।
शुक्रवार को जारी सूची में पाटीदार बिरादरी के 13, ठाकोर और दलित समाज के 12 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। पाटीदार समाज के उम्मीदवारों की संख्या 13 तब है, जब पार्टी ने अभी पटेलों के प्रभाव वाले इलाकों से उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं।
ऐसे में माना जा रहा है कि बाकी बची 112 सीटों पर भी ठाकोर, पाटीदार और दलित बिरादरी को थोक में प्रतिनिधित्व मिलेगा।
गौरतलब है कि पार्टी नेतृत्व ने बीते तीन विधानसभा चुनाव की तरह इस चुनाव में भी सत्ता विरोधी लहर से पार पाने के लिए थोक के भाव में विधायकों के टिकट काटने का मन बनाया था।
इस क्रम में 42 विधायकों की पहचान भी कर ली गई थी, लेकिन पहली सूची में जिस प्रकार मौजूदा विधायकों पर मेहरबानी की गई है, उससे इस फार्मूले पर अमल की संभावना कम हो गई है। पार्टी नहीं चाहती कि टिकट कटने से बगावत का सामना करना पड़े।