गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
वडोदरा जिले की वडोदरा शहर सीट पर भाजपा ने अबकी बार भी मौजूदा विधायक व पूर्व मंत्री मनीषा वकील को टिकट दिया था। इस चुनाव में मनीषा वकील एक बार फिर विजयी हुईं। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार गुणवंतराय परमार को 98,597 के विशाल अंतर से शिकस्त दी।
बता दें कि 2008 में हुए परिसीमन के बाद इस सीट के नाम व क्षेत्र में बदलाव हुए थे। नए रूप में आने के बाद यहां तीन चुनाव हो चुके हैं जिसे भाजपा की ओर से मनीषा वकील ने जीते हैं।
2017 में यहां भाजपा को जीत मिली
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा ने मौजूदा विधायक मनीषा वकील पर ही दांव लगाया था। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार अनिल परमार 52 हजार वोटों से हराया था। इस चुनाव में कुल सात उम्मीदवार मैदान में थे जिनमें से पांच उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
नए परिसीमन के बाद वडोदरा शहर सीट पर 2012 में पहली बार चुनाव हुए थे। तब इस सीट को भाजपा ने जीता था। भाजपा की ओर से मैदान में उतरीं मनीषा वकील ने कांग्रेस उम्मीदवार रहीं जयश्री बेन सोलंकी को शिकस्त दी थी।
मंत्री मनीषा वकील तीसरी बार मैदान में थीं
2022 चुनाव के लिए इस सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधायक मनीषा वकील को टिकट दिया था। वहीं, कांग्रेस ने गुणवंतराय परमार को अपना प्रत्याशी बनाया था। आम आदमी पार्टी की ओर से जीगरभाई भानुप्रसाद सोलंकी मैदान में थे। इस सीट पर पांच दिसंबर को दूसरे चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में वडोदरा में भाजपा ने जीती थी आठ सीट
वडोदरा शहर सीट, वडोदरा जिले में आने वाली दस विधानसभा सीटों में से एक है। 2017 में जिले की दस में से आठ सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, दो सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही थी।