बनासकाठा जिले की वडगाम सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में से एक है। इस सुरक्षित सीट से दलित नेता जिग्नेश मेवानी विधायक हैं। इस चुनाव में मेवानी एक बार फिर विजयी हुए हैं। उन्होंने भाजपा के मणिभाई वाघेला को 4,928 वोटों से हराया।
2017 में कांग्रेस के समर्थन से जीते थे मेवानी
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा ने विजयकुमार चक्रवर्ती को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं, निर्दलीय जिग्नेश मेवानी को कांग्रेस का समर्थन मिला था। निर्दलीय जिग्नेश मेवानी ने भाजपा उम्मीदवार चक्रवर्ती को 19 हजार से ज्यादा के अंतर से हराया था। जिग्नेश को 95 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। वहीं, विजयकुमार चक्रवर्ती को करीब 76 हजार वोट से संतोष करना पड़ा था। 2017 में वडगाम सीट से कुल 10 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें से आठ की जमानत जब्त हो गई थी।
2012 चुनाव में हुई थी कांग्रेस की जीत
2012 के विधानसभा चुनाव में यहां कांग्रेस को जीत मिली थी। कांग्रेस के मणिलाल वाघेला ने भाजपा उम्मीदवार फकीरभाई वाघेला को 21 हजार से ज्यादा के अंतर से हराया था। मणिलाल वाघेला को 90 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। वहीं, फकीरभाई वाघेला को 68 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। मणिलाल और फकीरभाई को छोड़कर बाकी छह उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
यह सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। कुछ मौकों को छोड़कर ज्यादातर इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा है। भाजपा की बात करें तो इस सीट पर अब तक उसे दो बार सफलता मिली है। 2007 और 1995 में भाजपा उम्मीदवार यहां से जीते थे। वहीं, 1990 में इस सीट से जनता दल को जीत मिली थी।
2017 में बनासकाठा जिले में कांग्रेस को मिली थी बढ़त
वडगाम सीट, बनासकाठा में नौ विधानसभा सीटें आती हैं। 2017 में जिले की नौ में से पांच सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। वहीं, तीन सीटों पर भाजपा जीत दर्ज करने में सफल रही थी। वहीं, वडगाम सीट से निर्दलीय जिग्नेश मेवानी जीते थे।