सूरत जिले की सूरत पूर्व सीट राजनीतिक पार्टियों के लिए बहुत खास रही है। 2017 में इस सीट पर भाजपा ने कब्जा किया था। भाजपा के लिए ये सीट गढ़ के रूप में देखी जाती है। अबकी बार यहां से भाजपा ने मौजूदा विधायक अरविन्द राणा को अपना प्रत्याशी बनाया था। राणा ने कांग्रेस के असलम साइकिलवाला को 14,017 वोटों से हरा दिया। इस सीट पर सपा, बसपा और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने भी अपने-अपने उम्मीदवार उतारे थे लेकिन इन सबकी जमानत जब्त हो गई।
2017 में यहां भाजपा को मिली थी जीत
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा ने अरविन्द राणा को टिकट दिया था। उन्होंने कांग्रेस के नितिन कुमार भरूचा को 13 हजार वोटों से शिकस्त दी थी। इस चुनाव में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर 12 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
2017 से पहले 2012 चुनाव में भी इस सीट पर भाजपा को जीत हासिल हुई थी। उस चुनाव में भाजपा की ओर से मैदान में उतरे जीतभाई गिलिटवाला ने कांग्रेस के कादिर पीरजादा को शिकस्त दी थी।
भाजपा का गढ़ रही है ये सीट
पुराने चुनाव आंकड़ों को देखें तो यहां भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस की तुलना में बेहतर रहा है। इस चुनाव से पहले भाजपा ने यहां पिछले तीन चुनाव लगातार जीते हैं। हालांकि, 2002 के चुनाव को छोड़ दें जिसे कांग्रेस ने जीता था, तो 1990 से यहां भाजपा का ही कब्जा है।
इस सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधायक अरविन्द राणा को अपना प्रत्याशी बनाया था। वहीं, कांग्रेस ने असलम साइकिलवाला को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। इस सीट पर एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में सूरत जिले की 14 सीटों पर जीती थी भाजपा
सूरत पूर्व सीट, सूरत जिले के अंतर्गत आने वाली 16 सीटों में से एक है। 2017 में जिले की 16 में से 14 सीटों पर भाजपा को बम्पर जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस मात्र दो सीट पर ही जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
इस चुनाव में कैसे रहे गुजरात के नतीजे?
इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।