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Mandvi Assembly Seat: यहां लगातार चौथी बार जीती BJP, जानें इस सीट का सियासी समीकरण

Mon, 19 Dec 2022 03:07 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

इस सीट पर भाजपा ने अपने मौजूदा विधायक वीरेंद्र सिंह जडेजा का टिकट काट दिया था। 2017 में वीरेंद्र सिंह जडेजा ने कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल को नौ हजार वोटों से हराया था। इस बार भाजपा ने अनिरुद्ध भाईलाल दवे ने कांग्रेस के राजेंद्रसिंह जडेजा को 48,297 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी।  
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भाजपा ने मनाया जश्न। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
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गुजरात के तटीय जिले कच्छ की मांडवी सीट में पहले चरण में चुनाव हुआ। इस सीट पर भाजपा ने अनिरुद्ध भाईलाल दवे को मैदान में उतारा था। दवे ने इस चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्रसिंह जडेजा को 48,297 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी।  

2017 में भाजपा ने लगाई थी जीत की हैट्रिक  
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा ने वीरेंद्र सिंह जडेजा को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार शक्ति सिंह गोहिल को नौ हजार वोटों से हराया था। ये भाजपा की लगातार तीसरी जीत थी। इस चुनाव में कुल 17 उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस व भाजपा उम्मीदवारों के अलावा बाकी 15 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। 
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2017 में कच्छ जिले में भाजपा ने जीती थी चार सीटें  
मांडवी सीट, कच्छ जिले के अंतर्गत आने वाली छह सीटों में से एक है। 2017 में जिले की छह में से चार सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस दो सीट पर ही जीत दर्ज करने में सफल रही थी।  

2012 चुनाव में भाजपा को मिली जीत
2012 में हुए चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। भाजपा के ताराचंद छेदा ने कांग्रेस उम्मीदवार किशोर सिंह परमार को नौ हजार वोटों से शिकस्त दी थी। उस चुनाव में कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी नौ उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। 

2002 में कांग्रेस ने तोड़ा था भाजपा की जीत का सिलसिला  
2002 के विधानसभा चुनाव को छोड़ दें तो मांडवी सीट जनसंघ के दौर से भाजपा का गढ़ रही है। 2002 में कांग्रेस के छबील भाई पटेल ने भाजपा उम्मीदवार सुरेश चंद्र मेहता को मात्र 598 वोटों से हराकर भाजपा की जीत का सिलसिला तोड़ दिया था। 2002 से पहले हुए चार चुनावों में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेश चंद्र मेहता ने जीत दर्ज की थी। मेहता ने पहली बार 1985 के चुनाव में जीत दर्ज की थी। इसके बाद वह 1990,1995 और 1998 में भी जीते। मेहता 1975 में जनसंघ के टिकट पर भी जीते थे। हालांकि, 1980 में यहां से कांग्रेस को जीत मिली थी। 
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