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Jamnagar North Assembly Seat: यहां क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी जीतीं, पिछले चुनावों में ऐसे थे नतीजे

Fri, 16 Dec 2022 12:26 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

जामनगर उत्तर से भाजपा ने मौजूदा विधायक धर्मेंद्र जड़ेजा का टिकट काटकर क्रिकेटर रवींद्र जड़ेजा की पत्नी रिवाबा जड़ेजा को टिकट दिया था। इस चुनाव से पहले यहां एक बार भाजपा तो एक बार कांग्रेस को विजय मिली है।
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रिवाबा जाडेजा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।

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जामनगर जिले की जामनगर उत्तर सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में से एक रही। इस बार यहां से क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा मैदान में थीं। पहले ही चुनाव में रिवाबा ने जीत दर्ज की। उन्होंने आम आदमी पार्टी के करशनभाई करमूर को 53,570 वोटों से करारी शिकस्त दी।

2012 में कांग्रेस के खाते में गई थी ये सीट
2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के धर्मेंद्र सिंह जडेजा ने जीत दर्ज की थी। धर्मेंद्र ने भाजपा के मुलुभाई को 9 हजार से ज्यादा वोट के अंतर से हराया था। उस चुनाव में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी 11 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा ने कांग्रेस छोड़कर आए धर्मेंद्र जडेजा को अपना उम्मीदवार बनाया था। जडेजा ने कांग्रेस के जीवनभाई कुम्भारवाड़िया को 40 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। इन दोनों के अलावा बाकी 22 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। 
2017 के राज्यसभा चुनावों के दौरान भाजपा के लिए क्रॉस-वोटिंग के लिए कांग्रेस ने जडेजा को पार्टी से निष्कासित किया था। बाद में धर्मेंद्र जडेजा रुपाणी सरकार में मंत्री भी बने थे। पिछले दिनों गुजरात उच्च न्यायालय ने भाजपा के मौजूदा विधायक धमेंद्र के खिलाफ एक आपराधिक मामला वापस लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद से ही भाजपा से उनकी उम्मीदवारी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं थीं। 
2012 से पहले इस सीट का अधिकांश हिस्सा जामनगर विधानसभा सीट में आता था। नए परिसीमन के बाद इसका अस्तित्व खत्म हो गया। जामनगर सीट 1985 से 2007 तक भाजपा का गढ़ रही। इस दौरान हुए सभी छह चुनाव में यहां से भाजपा को जीत मिली थी। 

तीन साल पहले भाजपा में आई रिवाबा को दिया था टिकट 
2019 में भाजपा ज्वाइन करने वाली रिवाबा जडेजा को भाजपा ने इस चुनाव में धर्मेंद्र सिंह जडेजा की जगह अपना उम्मीदवार घोषित किया था। वहीं, कांग्रेस ने इस सीट से बीपेंद्र सिंह जडेजा को अपना उम्मीदवार बनाया था। यहां एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ। नतीजे आठ दिसंबर को आए। 
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2017 में जामनगर जिले में कांग्रेस को तीन तो भाजपा को मिली थी दो सीटें 
जामनगर उत्तर सीट जामनगर जिले में आती है। इस जिले में कुल 5 सीटें हैं। 2017 में जिले की पांच में से दो सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, तीन सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही थी।   
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