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PM पर राहुल का तंज- जुमलों की बेवफाई मार गई, बाकी कुछ बचा तो महंगाई मार गई

Tue, 05 Dec 2017 11:17 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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राहुल गांधी
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार (5 दिसंबर) की सुबह ट्वीट कर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला। राहुल ने अपने इस ट्वीट में लिखा कि जुमलों की बेवफाई मार गई, नोटबंदी की लुटाई मार गई, GST सारी कमाई मार गई, बाकी कुछ बचा तो- महंगाई मार गई, बढ़ते दामों से जीना दुश्वार, बस अमीरों की होगी भाजपा सरकार?
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'कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल के नामांकन भरने से आम कांग्रेसी कार्यकर्ता दुखी'

राहुल ने यह बात अपने सातवें सवाल के रूप में सामने रखी है। इससे पहले वह एनडीए सरकार से छह सवाल पूछ चुके हैं। अपने छठे सवाल में राहुल ने बेरोजगारी का जिक्र करते हुए लिखा था कि भाजपा की दोहरी मार, एक तरफ युवा बेरोजगार, दूसरी तरफ लाखों फिक्स पगार और कॉन्ट्रेक्ट कर्मचारी बेजार, 7वें वेतन आयोग में ₹18000 मासिक होने के बावजूद फिक्स और कॉन्ट्रेक्ट पगार ₹5500 और ₹10000 क्यों?
  22 सालों का हिसाब#गुजरात_मांगे_जवाब

प्रधानमंत्रीजी-7वाँ सवाल:

जुमलों की बेवफाई मार गई
नोटबंदी की लुटाई मार गई
GST सारी कमाई मार गई
बाकी कुछ बचा तो -
महंगाई मार गई

बढ़ते दामों से जीना दुश्वार
बस अमीरों की होगी भाजपा सरकार? pic.twitter.com/FMg4Pm4z2s — Office of RG (@OfficeOfRG) December 5, 2017 (इस ट्वीट को राहुल ने बाद में डिलीट कर दिया)
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इसके बाद उन्होंने यह ट्वीट पोस्ट किया
दरअसल, उस ट्वीट में जो फोटो थी उसमें राहुल ने कीमतों में बढ़ोतरी 100 प्रतिशत से ज्यादा दिखा दी थी जिसको बाद में सही करके पोस्ट किया गया।

22 सालों का हिसाब#गुजरात_मांगे_जवाब

प्रधानमंत्रीजी-7वाँ सवाल:

जुमलों की बेवफाई मार गई
नोटबंदी की लुटाई मार गई
GST सारी कमाई मार गई
बाकी कुछ बचा तो -
महंगाई मार गई

बढ़ते दामों से जीना दुश्वार
बस अमीरों की होगी भाजपा सरकार? pic.twitter.com/1S8Yt0nI7B— Office of RG (@OfficeOfRG) December 5, 2017

 
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पहले पूछे थे ये सवाल

राहुल गांधी
राहुल गांधी ने इससे पहले भाजपा से तीन और सवाल पूछे थे। तीसरे सवाल में राहुल ने लिखा था कि 2002-16 के बीच ₹62,549 Cr की बिजली खरीद कर 4 निजी कंपनियों की जेब क्यों भरी? सरकारी बिजली कारखानों की क्षमता 62% घटाई पर निजी कंपनी से ₹3/ यूनिट की बिजली ₹24 तक क्यों खरीदी? जनता की कमाई, क्यों लुटाई?

राहुल ने अपने दूसरे सवाल में लिखा था कि 1995 में गुजरात पर कर्ज-9,183 करोड़, 2017 में गुजरात पर कर्ज-2,41,000 करोड़,  यानी हर गुजराती पर ₹37,000 कर्ज। आपके वित्तीय कुप्रबन्धन व पब्लिसिटी की सजा गुजरात की जनता क्यों चुकाए?

अपने पहले सवाल में राहुल ने लिखा था कि 2012 में वादा किया कि 50 लाख नए घर देंगे, 5 साल में बनाए 4.72 लाख घर। प्रधानमंत्रीजी बताइए कि क्या ये वादा पूरा होने में 45 साल और लगेंगे?
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