पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल को बड़ा झटका लगा है। एक तरफ जहां शनिवार को राज्य में पहले चरण के लिए वोटिंग होनी है।
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वहीं पाटीदार आंदोलन के एक बड़े नेता दिनेश बांभनिया ने इस्तीफा दे दिया है। दिनेश बांभानिया पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) के सह- संयोजक थे। बांभनिया हार्दिक पटेल के सबसे करीबी नेताओं में से एक थे।
Patidar leader Dinesh Bambhaniya resigns from Patidar Anamat Andolan Samiti (PAAS) (file pic) pic.twitter.com/nW1vcpHIJH
— ANI (@ANI) December 8, 2017
कांग्रेस से डील में दिनेश बांभनिया ही पाटीदार आंदोलन समिति की ओर से बात कर रहे थे। हार्दिक के कथित सेक्स सीडी आने के बाद दिनेश ने हार्दिक पर सवाल उठाए थे। बांभनिया ने कांग्रेस के घोषणा पत्र पर सवाल उठाते हुए कहा था कि आरक्षण पर कांग्रेस का रूख साफ नहीं है।
इससे पहले पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के तीन और साथी केतन पटेल, अमरीश पटेल और श्वेता पटेल ने इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। केतन ने हार्दिक पर आंदोलन के नाम पर पैसा बनाने का आरोप लगाया है।
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धोराजी एकमात्र विधानसभा सीट है जहां से कांग्रेस ने हार्दिक पटेल की अगुवाई वाले पीएएएस नेता वसोया को मैदान में उतारा है। वसोया कहते हैं कि यहां स्थानीय मसले अधिक प्रभावी हैं। भाजपा शासित नगर पालिका तो भूमिगत सीवेज प्रणाली को समय पर पूरा नहीं कर पाई।