गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने बुधवार (22 नवंबर) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया है कि कांग्रेस ने उनकी मांगों को मान लिया है और सरकार बनने पर पाटीदारों को आरक्षण दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वह कोई पार्टी ज्वॉइन नहीं करने वाले हैं। हार्दिक ने बताया कि पाटीदारों को संविधान की धाराओं के तहत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा और यह सब उनके सरकार में आने के बाद एक बिल लाकर होगा। हार्दिक के मुताबिक, कांग्रेस अपने घोषणापत्र में आरक्षण के बारे में विस्तार से बताएगी।
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वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने हार्दिक पटेल की प्रेस कांफ्रेंस के बाद कहा कि सबकी हमने सोच-समझ के आरक्षण का फॉर्मूला तय किया है और हम इसी सोच पर आगे बढ़ेंगे। नितिन पटेल की समझौता स्टैंड न करने की बात पर कपिल सिब्बल ने कहा कि जब भाजपा ही गुजरात में स्टैंड नहीं करेंगी तो उनकी बात का क्या मतलब?
सिब्बल ने आरक्षण की बात पर कहा कि जो फॉर्मूला तय किया गया है उसमें संविधान का पूरा ख्याल रखा गया है। सिब्बल ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी समेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन लोगों को संविधान से तो कोई लेना-देना ही नहीं हैं। इनका एकमात्र लक्ष्य समाज के बीच दरार पैदा करना है।
हार्दिक ने भाजपा पर उनकी पार्टी के संयोजकों को खरीदने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। पाटीदार नेता ने कहा कि भाजपा डर गई है और पचास लाख रुपए तक का ऑफर दे रही है।हार्दिक पटेल ने भाजपा पर 1200 करोड़ रुपए में उनको खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि जब यह नहीं हुआ तो उनको बदनाम किया गया। हार्दिक ने अभी भी किसी से खुलकर कांग्रेस को वोट देने के लिए नहीं कहा, वह बोले कि कांग्रेस हमारे अधिकारों के बारे बात कर रही है इसलिए मैं लोगों पर छोड़ता हूं कि वह क्या फैसला करते हैं।
पिछले दिनों PAAS और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प का एक वीडियो सामने आया था, जिसके बाद कहा गया था कि दोनों के बीच टिकटों के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। लेकिन इस सबको गलत बताते हुए हार्दिक ने कहा कि उनकी तरफ से कभी टिकट की मांग नहीं की गई और दोनों के बीच कोई विवाद नहीं है।