ऊना में दलितों की पिटाई का मामला सामने आने के बाद पूरे गुजरात के दलित बीजेपी वाली आनंदीबेन सरकार के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं। रविवार को अहमदाबाद में दलित समुदाय के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी सरकार को चेताया है।
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दलित उत्पीड़न की बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए समुदाय के नेताओं ने दलितों से मरे हुए जानवरों को उठाने और सीवर की सफाई का काम छोड़ने को कहा है। ताकि राज्य सरकार को कड़ा संदेश दिया जा सके।
दलितों ने 5 अगस्त से 15 अगस्त के बीच अहमदाबाद से ऊना के लिए मार्च की भी घोषणा की। समुदाय के नेताओं ने कहा, '15 अगस्त को ऊना में एकजुट होने की योजना है ताकि आजादी को महसूस कर सके।'
ऊना दलित अत्याचार लडत समिति (यूडीएएलएस) की ओर से रविवार को अहमदाबाद के साबरमती में दलित महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें दलितों के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। 2012 में थगंध में तीन दलित लड़कों की हत्या के मामले में भी न्याय की मांग की गई। सुरेंद्रनगर जिले के थगंध में मारे गए तीनों लड़कों के पिता वलजी राठोड ने सोमवार से गांधीनगर में भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान किया।
महासम्मेलन को संबोधित करते हुए यूडीएएलएस के संयोजक जिग्नेश मेवानी ने बीजेपी की आनंदीबेन सरकार पर निशाना साधा। मेवानी ने कहा कि यह सरकार 'दलितों के उत्पीड़न और दलितों के विनाश' में विश्वास करती है। यह 'सबका साथ, सबका विकास' में विश्वास नहीं करती।
ऊना दलित उत्पीड़न पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बयान का जिक्र करते हुए मेवानी ने कहा, 'मैं राजनाथ जी से पूछना चाहता हूं कि क्या मोदी अपने कार्यकाल (2001 से 2014 तक) में एक भी दलित के घर गए, जो उत्पीड़न का शिकार हुए थे। अगर इसका जवाब हां है, तो हम प्रदर्शन अभी खत्म कर देंगे।' मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऊना की घटना से बेहद दुखी हैं।
फाइल फोटोः गुजरात में दलित उत्पीड़न के विरोध में प्रदर्शन।
- फोटो : Amar Ujala
मेवानी ने कहा, 'राज्य सरकार को कड़ा संदेश देने के लिए मरे हुए जानवरों को उठाना बंद करो और सीवर की सफाई का काम भी छोड़ दो। हम ये काम नहीं करना चाहते। सरकार हमें खेती के लिए जमीन दे ताकि हम सम्मान से जी सके।'
उन्होंने ने आगे कहा, 'यदि दलितों पर अत्याचार नहीं रुके, तो 2017 के विधानसभा चुनाव में हम अपनी ताकत दिखाएंगे।'
थगंध और ऊना से आए कई पीड़ित दलित परिवारों ने भी महासम्मेलन को संबोधित किया। इनमें मोटा समाधियाला से जीतू सर्वैया और केवल राठोड ने भी अपनी बात रखी। जीतू और केवल बालू सर्वैया के रिश्तेदार हैं, जिसे 11 जुलाई को कथित गौ रक्षकों ने उसके परिवार के छह सदस्यों के साथ पीटा था।
महासम्मेलन में दलितों का साथ देने के लिए मुस्लिम युवा भी शामिल हुए। ताकि राज्य सरकार को दलित-मुस्लिम एकता का संदेश दिया जा सके। इनमें जमीयत ए उलेमा ए हिंद गुजरात के नेता भी शामिल थे।
तथ्य यह है कि अहमदाबाद से ऊना मार्च करने का प्रस्ताव राहुल शर्मा ने रखा। उन्होंने कहा, 'यह सामाजिक जागरुकता सिर्फ इस सम्मेलन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आइए, 15 अगस्त के दिन आजादी को महसूस करने के लिए अहमदाबाद से ऊना चलें।'