देश में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पिछले दो दिनों से कोरोना के दैनिक मामलों का आंकड़ा चार लाख के पार आ रहा है। यही नहीं, कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है, ऐसे में संदिग्ध या फिर कोविड मरीजो के शवों को जलाने के लिए जगह की कमी पड़ रही है।
वडोदरा के तीन गांव में बने अस्थायी श्मशान घाट
गुजरात के वड़ोदरा जिले में प्रशासन ने कोविड मरीजों के शवों के अंतिम संस्कार में तेजी लाने के लिए तीन खुले मैदानों को श्मशान घाट में बदलने का फैसला किया है। जिला प्रशासन अधिकारी किरण जावेरी ने जानकारी दी कि कोटली, अंखोल और पिपरिया गांव में अस्थायी श्मशान घाट बनाए गए हैं।
कोविड मरीजों के शव के जल्द अंतिम संस्कार पर जोर
पिपरिया गांव में बने अस्थायी श्मशान घाट पर भारी पुलिस तैनात है। एंबुलेंस और साथ में आए परिजन के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। पिपरिया में एक दिन में पांच शवों के जलने की खबर है तो वहीं कोटली और अंखोल में कोरोना मरीजों के तीन शव जल रहे हैं।
वडोदरा में गुरुवार को 11 कोविड मरीजों की मौत
किरण जावेरी ने बताया कि धीरज अस्पताल और पारुल अस्पताल में एक हजार बिस्तर की सरकारी सुविधाएं हैं। वहीं जिले में मौतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए शवों को जलाने के बोझ को कम करने के लिए अस्थायी श्मशान घाट तैयार किए गए हैं। पिपरिया गांव में धीरज और पारुल अस्पताल के शव आ रहे हैं। वडोदरा जिला प्रशासन के मुताबिक, गुरुवार को जिले में 11 मौतें हुई हैं।