5-6 अगस्त 2016। यही वह तारीखें थीं, जब आनंदीबेन पटेल के बाद भाजपा गुजरात में अगला मुख्यमंत्री चुनने की जद्दोजहद में थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने अचानक फेसबुक पर इस्तीफे का एलान कर दिया था। हालांकि, कुछ महीने से अंदरखाने यह चर्चा थी कि आनंदीबेन या तो सीएम की कुर्सी छोड़ सकती हैं या उन्हें हटने को कहा जा सकता है?
2015 में हुए पाटीदार आंदोलन की वजह से भाजपा की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठ चुके थे। इसके साथ ही 2016 में आनंदीबेन पटेल की उम्र भी 75 साल हो चुकी थी। 75 प्लस नेताओं को रिटायरमेंट देने के भाजपा के फॉर्मूले पर अमल हो रहा था। नए मुख्यमंत्री के लिए भागदौड़ शुरू हो चुकी थी। मौजूदा गृह मंत्री अमित शाह तब भाजपा के अध्यक्ष थे। पार्टी ने पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को गुजरात भेजा था। भाजपा ने तब विजय रूपाणी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में चुना, लेकिन आखिर तक दौड़ में नितिन पटेल भी थे।