एक दिसंबर को गुजरात में पहले चरण का मतदान होना है। 19 जिलों की 89 सीटों पर 2.39 करोड़ से ज्यादा लोग वोट डालेंगे। जिन जिलों में मतदान होना है, उनमें कच्छ, सुरेंद्रनगर, मोरबी, राजकोट, जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, बोटाद, नर्मदा, भरूच, सूरत, तापी, डांग्स, नवसारी, और वलसाड जिले शामिल हैं।
अगर क्षेत्रवार देखा जाए तो सौराष्ट्र की 48, कच्छ की छह और दक्षिण गुजरात की 35 सीटों पर पहले चरण में वोट पड़ेंगे। इसके लिए 788 प्रत्याशी मैदान में हैं। यूं तो राजनीतिक दलों के लिए हर एक सीट जरूरी है, लेकिन हम आपको उन 10 सीटों के बारे में बताएंगे जिनकी चर्चा सबसे ज्यादा है। इनकी गिनती गुजरात की हॉट सीटों में होती है। इनसे सूबे की सियासी हवा का रुख साफ होता है। आइए जानते हैं...
1. भावनगर पश्चिम : शिक्षा मंत्री की किस्मत दांव पर
भावनगर जिले की पश्चिम सीट से भारतीय जनता पार्टी ने जीतू वाघाणी को मैदान में उतारा है। जीतू गुजरात सरकार के मौजूदा शिक्षा मंत्री हैं। 2012 और फिर 2017 में भी उन्होंने यहां से चुनाव जीता था। कांग्रेस ने यहां से किशोर सिंह गोहिल को मैदान में उतारा है, वहीं, आम आदमी पार्टी ने सामाजिक कार्यकर्ता राजू सोलंकी को टिकट दिया है। राजू सोलंकी आप के नए पोस्टर ब्वॉय भी हैं। पिछली बार वघाणी 27,185 वोट से जीते थे। इस बार यहां लड़ाई त्रिकोणीय है।
2. कतारगाम : आप के प्रदेश अध्यक्ष की किस्मत दांव पर
यहां से आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया चुनाव लड़ रहे हैं। पुलिस कांस्टेबल और फिल क्लर्क की नौकरी कर चुके गोपाल इटालिया पाटीदार समुदाय से आते हैं। इस सीट पर पाटीदार वोटरों की अच्छी संख्या है। यहां उनका मुकाबला भाजपा के वीनू मोरडिया से हैं। बीजेपी नेता वीनू मोरडिया का यहां अच्छा प्रभाव है। वीनू मोरडिया और गोपाल इटालिया की आमने-सामने की टक्कर को लेकर यह सीट चर्चा में है। कांग्रेस ने इस सीट से कल्पेश वारिया को प्रत्याशी बनाया है।
3. कुटियाना : लेडी डॉन के बेटे ने ठोकी ताल
पोरबंदर की कुटियाना सीट हमेशा चर्चा में रहती है। 2012 और 2017 में यहां से जीत हासिल करने वाले कांधल जाडेजा एक बार फिर से मैदान में हैं। पिछली बार कांधल ने एनसीपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जबकि इस बार वह सपा की साइकिल पर सवार हो चुके हैं। गुजरात की लेडी डॉन कही जाने वाली संतोकबेन जाडेजा के बेटे कांधल अपने बयानों से भी चर्चा में रहते हैं। कई मुकदमे दर्ज होने के बावजूद कांधल का इस इलाके में अच्छा प्रभाव है। भाजपा ने यहां से ढेलीबेन आढेदरा को मैदान में उतारा है।
4. पोरबंदर : गांधी के जन्मस्थान की लड़ाई रोचक
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मस्थान पोरबंदर जिले की यह सीट काफी चर्चा में रहती है। 2017 में भाजपा के बाबूभाई बोखरिया ने इस सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता अर्जुन मोढवाडिया को हराया था। इस बार फिर से दोनों नेता आमने-सामने हैं। पिछला मुकाबला काफी करीबी था। आंकड़ों पर नजर डालें तो बाबूभाई सिर्फ 1,855 वोटों से जीते थे।
5. वराछा रोड : पाटीदार आंदोलन के गढ़ में क्या होगा?
पाटीदारों का गढ़ है। भाजपा ने यहां से पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक किशोर कनाणी को चुनावी मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी ने पाटीदार आंदोलन के प्रमुख चेहरे अल्पेश कथीरिया को टिकट दिया है। दोनों के बीच आमने-सामने की टक्कर मानी जा रही है। अल्पेश कथीरिया सौराष्ट्र से ताल्लुक रखते हैं। बीते अक्तूबर में आम आदमी पार्टी से जुड़े अल्पेश पाटीदार आंदोलन में हार्दिक के बाद नंबर-2 थे। कांग्रेस ने यहां से प्रफुल्लभाई छगनभाई तोगड़िया पर दांव लगाया है।
6. गोंडल : दो परिवार की लड़ाई में कौन मारेगा बाजी?
राजकोट जिले की गोंडल सीट काफी प्रभावशाली मानी जाती है। यहां हमेशा से दो क्षत्रिय परिवारों के वर्चस्व की लड़ाई होती रही है। भाजपा ने इस सीट से एक बार फिर मौजूदा विधायक गीताबा जडेजा को उतारा है। गीताबा पूर्व विधायक जयराज सिंह जडेजा की पत्नी हैं। वहीं, टिकट नहीं मिलने से पूर्व विधायक महिपत सिंह जाडेजा के नाराज बेट अनिरुद्ध सिंह जाडेजा ने कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया है। कांग्रेस की तरफ से यतीश गोविंदलाल देसाई और आम आदमी पार्टी की तरफ से निमिशाबेन खूंट चुनाव लड़ रहे हैं।
7. राजकोट पूर्व : सबसे अमीर प्रत्याशी का क्या होगा?
राजकोट जिले की पूर्व सीट से कांग्रेस ने इंद्रनील राजगुरू को टिकट दिया है। इंद्रनील इसी साल कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में गए थे, लेकिन चुनाव से ठीक पहले उन्होंने वापसी कर ली। इंद्रनील गुजरात के अमीर प्रत्याशियों की सूची में आगे हैं। पिछली बार यह सीट बीजेपी के खाते में गई थी और यहां अरविंद रैयाणी जीते थे, जबकि 2012 में यह सीट इंद्रनील ने जीती थी। बीजेपी ने इस बार यहां से उदय कनगड़ और आप ने राहुल भुवा को उतारा है।
8. खंभालिया : आप के सीएम उम्मीदवार की किस्मत दांव पर
आम आदमी पार्टी की तरफ से गुजरात में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए गए इसुदान गढ़वी खंभालिया से चुनाव लड़ रहे हैं। ओबीसी वर्ग से आने वाले इसुदान राजनीति में आने से पहले तक पत्रकार थे। यहां पर पिछले कई दशक से सिर्फ अहीर समाज के प्रत्याशी को जीत मिली है। भाजपा ने मूलुभाई बेरा और कांग्रेस ने विक्रम अर्जनभाई माडम को अपना प्रत्याशी बनाया है।
9. मोरबी: हादसे का दिखेगा कोई असर?
हाल ही में गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे को पूरी दुनिया ने देखा। 135 लोगों की मौत हो गई। ऐसे में इस बार इस सीट पर क्या होगा इसकी तरफ सबकी निगाहें हैं। भाजपा ने अपने मौजूदा विधायक और मंत्री ब्रजेश मेरजा का टिकट काटकर यहां से पूर्व विधायक कांतिलाल अमृतिया को मैदान में उतारा है। 2017 के चुनाव में ब्रजेश मेरजा ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में भाजपा में चले गए। इसके बाद 2020 में उपचुनाव हुआ था। इसमें मेरजा जीते थे। अब वे मैदान में नहीं है। कांतिलाल अमृतिया मोरबी पुल हादसे में घायलों को बचाने के लिए नदी में कूद पड़े थे। इससे उनकी खूब चर्चा हुई थी। कांग्रेस ने यहां से जयंतिलाल जेराजभाई पटेल और आप ने पंकज कांतीलाल राणसरिया को मैदान में उतारा है।
10. जामनगर उत्तर : क्रिकेटर जडेजा की पत्नी जीत पाएंगी?
जामनगर उत्तर की सीट पर अभी भाजपा का ही कब्जा है। 2017 में यहां से धर्मेंद्र सिंह जाडेजा विधायक थे, लेकिन इस बार पार्टी ने उनका टिकट काट कर स्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जाडेजा को मौका दिया है। रिवाबा 2019 के लोकसभा चुनावों के समय भाजपा में शामिल हुईं थीं, इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी। कांग्रेस ने यहां से बिपेन्द्र सिंह जाडेजा और आप ने करसनभाई करमुर को टिकट दिया है।