पुलिस ने सूरत में एक मीडिया कंपनी के दो अधिकारियों के खिलाफ बेईमानी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों ने सरकारी और निजी एजेंसियों से ज्यादा विज्ञापन आय प्राप्त करने के लिए गुजरात के दो अखबारों का कथित तौर पर ज्यादा सर्कुलेशन के फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।
आयकर अधिकारी ने की शिकायत
सूरत के उमरा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि पीवीएस सरमा और सीताराम अदुकिया के खिलाफ शनिवार को एफआईआर दर्ज की गई थी। दोनों एक कंपनी के निदेशक हैं जो एक गुजराती और एक अंग्रेजी दैनिक समाचार का प्रकाशन करती है। इनके खिलाफ आयकर विभाग के एक अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई थी।
कंपनी के बहीखाते में गलत आंकड़े दर्ज किए
एफआईआर के अनुसार, सरमा और अदुकिया पर आरोप है कि उन्होंने विज्ञापन निदेशालय एवं विजुअल पब्लिसिटी (डीएवीपी), एक सरकारी एजेंसी और निजी विज्ञापनदाताओं के सामने उनके अखबारों की अधिक सर्कुलेशन दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनी के बहीखाते में गलत आंकड़े दर्ज किए।
सरकार को 70 लाख का चूना लगाया
एफआईआर में कहा गया है कि इस तरह से दोनों ने 2008-09 से 21 अक्तूबर 2020 तक सरकार को करीब 70 लाख रुपये का चूना लगाया है। वहीं, इसी अवधि में दोनों ने निजी विज्ञापनदाताओं से करीब दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। बता दें कि पीवीएस शर्मा भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी भी हैं।