Gujarat: गुजरात के भावनगर के एक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नाटक को लेकर विवाद हो गया। नाटक में कुछ बुर्का पहनी लड़कियों को कथित तौर पर आतंकवादी के रूप में दिखाया गया था। स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं शिक्षा विभाग ने सात दिनों के भीतर अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
गुजरात के भावनगर के एक प्राथमिक विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐसे नाटक की प्रस्तुति दी गई, जिसमें बुर्का पहनी लड़कियों को आतकंवादी के रूप में दिखाया गया। इस नाटक से विवाद पैदा हो गया, जिसके बाद राज्य के शिक्षा विभाग ने मामले पर रिपोर्ट मांगी है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
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'बंधरण बचाओ समिति' के बैनर तले स्थानीय मुसलमानों ने अधिकारियों से मांग की कि स्कूल के शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, क्योंकि इस नाटक में उनके समुदाय की छवि खराब की गई है।
भावनगर नगर निगम स्कूल बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी मुंजल बदमलिया ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है। इस स्कूल का संचालन नगर निगम के तहत होता है।
सोशल मीडिया पर वायरल नाटक के वीडियो में कुछ लड़कियां सफेद पोशाक में कश्मीर की खूबसूरती पर गीत प्रस्तुत करती दिखती हैं। इसके बाद हथियार लिए तीन बुर्का पहने लड़कियां मंच पर आती हैं और अन्य लड़कियों पर गोली चलाती हैं। पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड) में आवाज आती है कि आतंकवादियों ने पहलागम हमले में निर्दोष नागरिकों को मार डाला था।
बदमलिया ने बताया कि यह लड़कियों का प्राथमिक विद्यालय कुम्भरवाड़ा इलाके में है। इसने 15 अगस्त को अपने स्वतंत्रता दिवस समारोह के हिस्से के रूप में ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित नाटक आयोजित किया था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी को एक शिकायत मिली की इस नाटक ने मुसलमानों की भावनाओं को आहत किया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में सात दिन के भीतर उनसे तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।