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Gujarat ATS: नशे पर प्रहार! राजस्थान में अवैध अल्प्राजोलम फैक्ट्री का भंड़ाफोड़, तीन गिरफ्तार

Mon, 29 Dec 2025 08:29 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

छापेमारी के बाद राजस्थान पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भिवाड़ी सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
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गुजरात एटीएस और राजस्थान पुलिस ने मिलकर किया अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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गुजरात एटीएस और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर पड़ोसी राज्य में अल्प्राजोलम बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इस कार्रवाई में 22 किलोग्राम नशीला पदार्थ और 30 लाख रुपये की कीमत की दवा के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया।

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आरोपियों ने राजस्थान के भिवाड़ी कस्बे के पास एक औद्योगिक क्षेत्र में चिंता और घबराहट संबंधी विकारों के लिए निर्धारित दवा के निर्माण के लिए एक दवा इकाई किराए पर ली थी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार अल्प्राजोलम का दुरुपयोग मनोरोगी पदार्थ के रूप में होने के कारण यह मादक औषधि और मनोरोगी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के दायरे में आता है।

22 किलो नशीली दवाएं बरामद
विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर गुजरात एटीएस और राजस्थान पुलिस के कर्मियों ने रविवार को यूनिट पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान अंशुल शास्त्री, अखिलेश मौर्य और कृष्णकुमार यादव को गिरफ्तार किया गया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुलिस ने 5 किलोग्राम अल्प्राजोलम और कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होने वाले अन्य मनोरोगी पदार्थों के मिश्रण के 17 किलोग्राम बरामद किए। इससे कुल बरामदगी 22 किलोग्राम हो गई, जिसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपये है।
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अवैध तरीके से हो रहा था फैक्ट्री का संचालन
आरोप है कि इन पदार्थों का निर्माण बिना किसी प्राधिकरण या लाइसेंस के अवैध रूप से किया जा रहा था और इनका उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों के बाजार में बिक्री करना था। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक शास्त्री, अपनी व्यापारिक फर्म के जरिये अल्प्राजोलम के निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल की खरीद में शामिल था।

इसमें कहा गया है कि शास्त्री और उनके व्यापारिक साझेदार मौर्य ने उत्पादन प्रक्रिया में पारंगत रसायनज्ञ यादव की मदद से भिवाड़ी में एक फार्मा यूनिट किराए पर ली। छापेमारी के बाद राजस्थान पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भिवाड़ी सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की है और आगे की जांच कर रही है।
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