गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने आतंकवादी संगठन अलकायदा से कथित संबंधों के आरोप में बंगलरू से 30 वर्षीय महिला समा परवीन को गिरफ्तार किया है। गुजरात एटीएस के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सुनील जोशी के मुताबिक, महिला को अलकायदा से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले से जुड़े तीन अन्य व्यक्तियों की पहले भी हिरासत में लिए जाने के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई है।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट करती थी
मंगलवार को बंगलूरू से पकड़ी गई आरोपी शमा परवीन अंसारी फोन और ईमेल के जरिए पाकिस्तानी संस्थाओं के संपर्क में थी। वह सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट करती थी, जिसमें भारत सरकार के खिलाफ सशस्त्र क्रांति या जिहाद का आह्वान किया जाता था और देश में वैमनस्य फैलाया जाता था।
10,000 से ज्यादा फॉलोअर्स थे
एटीएस के मुताबिक, वह एक्यूआईएस और कुछ अन्य कट्टरपंथी प्रचारकों की भड़काऊ और भारत-विरोधी सामग्री साझा करने के लिए दो फेसबुक पेज और एक इंस्टाग्राम हैंडल चलाती थी, जिसके 10,000 से ज्यादा फॉलोअर्स थे। अंसारी को बंगलूरू के आरटी नगर इलाके में उसके घर से गिरफ्तार किया गया। वह उन चार लोगों में से एक से जुड़ी थी, जिन्हें एटीएस ने एक हफ्ते पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए ऐसी सामग्री साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
23 जुलाई को चार लोगों को किया गया था गिरफ्तार
एटीएस ने बताया कि 23 जुलाई को दिल्ली, नोएडा, अहमदाबाद और गुजरात के मोडासा शहर से चार लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्यूआईएस के जिहादी प्रचार वीडियो सहित कट्टरपंथी और भड़काऊ सामग्री साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इन वीडियो के माध्यम से चारों लोग मुस्लिम युवाओं को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकने और सशस्त्र विद्रोह के माध्यम से देश में 'शरिया' (इस्लामी कानून) लागू करने के लिए उकसाते थे।
पिछली कार्रवाई के बारे में जानिए
23 जुलाई को एटीएस ने भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा (एक्यूआईएस) से कथित संबंधों वाले चार आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी मोहम्मद फैक, अहमदाबाद निवासी मोहम्मद फरदीन, अरावली के मोडासा निवासी सेफुल्लाह कुरैशी और उत्तर प्रदेश के नोएडा निवासी जीशान अली के रूप में हुई थी। गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देते हुए गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने कहा था कि सभी चार संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी, जिनके अलकायदा से संबद्ध एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन एक्यूआईएस से जुड़े होने का संदेह है। यह अभियान विशिष्ट खुफिया जानकारी और समन्वित निगरानी के आधार पर चलाया गया था।