गुजरात में अहमदाबाद प्रशासन ने चंदोला झील क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। पुलिस की उपस्थिति में अवैध अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि हाल ही में पुलिस ने तीन दिन पहले एक बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया, 180 से अधिक अवैध बांग्लादेशियों की पहचान की गई है, यह प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा नगर निगम चंदोला झील क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला रहा है। पुलिस ने व्यापक व्यवस्था की है, लगभग 2,000 पुलिस बल तैनात है। हमने लल्लू बिहारी नाम के एक व्यक्ति और उसके कुछ सहयोगियों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जो यहां फर्जी रेंट एग्रीमेंट बनाते थे, उनके लिए आधार कार्ड बनवाते थे। इनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। क्राइम ब्रांच द्वारा जांच जारी है।
अवैध बांग्लादेशी अप्रवासी रहते थे
संयुक्त पुलिस आयुक्त-अपराध शरद सिंघल ने बताया, 'चंदोला झील पर आखिरी अतिक्रमण विरोधी अभियान 2009 में चलाया गया था। हाल ही में एएमसी की ओर से किए गए सर्वेक्षण में पता चला है कि सरकारी भूमि पर फिर से अतिक्रमण किया गया है और झील के चारों ओर झुग्गियां बनाई गई हैं। इस झील के आसपास सियासतनगर और बंगाली वास जैसे इलाकों में अवैध बांग्लादेशी अप्रवासी रहते थे।'
मास्टरमाइंड महमूद पठान उर्फ लल्लू बिहारी के खिलाफ एफआईआर
मलिक के मुताबिक, चंदोला झील पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के पीछे के मास्टरमाइंड महमूद पठान उर्फ लल्लू बिहारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। उसने अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों को किराये के आवास और आधार कार्ड दिलाने में भी मदद की। मलिक ने कहा, 'हमने चंदोला झील पर अवैध निर्माण को हटाने में एएमसी की सहायता के लिए राज्य रिजर्व पुलिस (एसआरपी) की 20 कंपनियों के साथ 2,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है, जिसमें सियासतनगर और बंगाली वास जैसे इलाके शामिल हैं। पूरे शहर में पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है। अगर कोई कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'
मास्टरमाइंड के फार्महाउस को भी ढहा दिया गया
उन्होंने कहा कि झील के पास रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय भी चाहते हैं कि अधिकारी अवैध बस्तियों में रहने वाले बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई करें। शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि अधिकारियों ने झील के किनारे अवैध रूप से बने पठान के फार्महाउस को भी ढहा दिया है।
फर्जी किरायानामा और आधार का किया इस्तेमाल
मलिक ने कहा, 'हमने पठान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उसने फर्जी किराए के समझौतों और आधार कार्ड हासिल करके अवैध प्रवासियों को आवास दिलाने में मदद की। यह भी संदेह है कि इलाके के कुछ लोगों ने पासपोर्ट भी हासिल कर लिया है।' डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर डीसी परमार ने कहा कि करीब 2,000 अवैध रूप से बने घरों और अन्य संपत्तियों को ध्वस्त करने के लिए चिह्नित किया गया था और दोपहर तक 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया था। उन्होंने कहा कि चंदोला झील एक जल निकाय है और झील के आसपास किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं है।
6,500 लोगों को हिरासत में भी लिया गया
इससे पहले सोमवार को डीजीपी विकास सहाय ने बताया था कि पुलिस द्वारा कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद करीब 450 बांग्लादेशी नागरिक गुजरात में अवैध रूप से रहते पाए गए। अहमदाबाद और सूरत में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान के बाद करीब 6,500 लोगों को हिरासत में भी लिया गया, जिनके पड़ोसी देश के नागरिक होने का संदेह है। राज्य के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने भी बताया था कि सूरत और अहमदाबाद में तलाशी अभियान के दौरान अवैध अप्रवासियों को हिरासत में लिया गया। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इनके प्रत्यर्पण के प्रयास जारी हैं।
दो बांग्लादेशी निकले अलकायदा के स्लीपर सेल
सांघवी ने कहा था कि अप्रवासियों ने गुजरात आने से पहले भारत के विभिन्न हिस्सों में रहने के लिए पश्चिम बंगाल से प्राप्त फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। इनमें से कई लोग मादक पदार्थ तस्करी और मानव तस्करी में संलिप्त हैं। हाल ही में गिरफ्तार किए गए चार बांग्लादेशियों में से दो अलकायदा के स्लीपर सेल में काम करते थे। इन बांग्लादेशियों की पृष्ठभूमि और गुजरात में उनकी गतिविधियों की जांच की जाएगी। इनके निर्वासन की सभी प्रक्रियाएं यथाशीघ्र पूरी करने के लिए व्यवस्था की गई है।
वलसाड में सात अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों को हिरासत में लिया गया
इस बीच उमरगाम पुलिस ने सात अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों को हिरासत में लिया है। वलसाड एसपी डॉ. करणराज वाघेला ने बताया कि एक कपड़ा फैक्टरी के कर्मचारियों से पूछताछ की गई। छह पुरुषों और एक महिला को हिरासत में लिया गया है। वे बांग्लादेशी हैं। वे बांग्लादेश से नेपाल गए और फिर पश्चिम बंगाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में घुस आए। उनसे पूछताछ की जाएगी और फिर उन्हें निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।