गुजरात सरकार ने अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए पांच जिलों में 99.3 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया है, जिसे बुलेट ट्रेन परियोजना के रूप में जाना जाता है। विधानसभा में सोमवार को यह जानकारी दी गई। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की स्थिति पर सवालों के जवाब में गुजरात सरकार ने कहा कि आठ जिलों में से पांच जिलों में मुआवजे के रूप में 2935.85 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जहां से बुलेट ट्रेन गुजरेगी। यह जवाब 31 दिसंबर 2021 की स्थिति के अनुसार दिया गया।
वडोदरा शीर्ष पर
जिन जिलों के लिए राज्य सरकार ने विवरण पेश किया है, वे अहमदाबाद, वडोदरा, खेड़ा, आनंद और नवसारी हैं, जबकि सूरत, भरूच और वलसाड अन्य तीन जिले हैं जो गलियारे का हिस्सा हैं। तारांकित सवालों के जवाब में राजस्व मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि पांच जिलों में परियोजना के लिए आवश्यक 360.73 हेक्टेयर में से 358.31 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। परियोजना के लिए जरूरी 105.46 हेक्टेयर भूमि में से 103.94 हेक्टेयर भूमि के साथ वडोदरा शीर्ष पर है, जबकि अहमदाबाद में सबसे कम 27.15 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से 26.43 हेक्टेयर का अधिग्रहण पूरा हो गया है।
जवाब के मुताबिक, अहमदाबाद में मुआवजे के तौर पर सबसे ज्यादा 1,108.45 करोड़ रुपये और आणंद जिले में सबसे कम राशि का भुगतान किया गया है। मंत्री ने कहा कि महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के लिए परियोजना प्रभावित लोगों को मुआवजे के रूप में कुल 2,935.85 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।