गुजरात में दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान कुल अंकों में त्रुटि करने पर दो साल की अवधि में 9,218 स्कूली शिक्षकों पर 1.54 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। विधानसभा में कांग्रेस विधायक किरीट पटेल के सवाल का जवाब देते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री कुबेर डिंडोर ने कहा कि 2022 और 2023 में 9,218 शिक्षकों (10वीं कक्षा के 3,350 और 12वीं कक्षा के 5,868) ने बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अंकों की गणना में त्रुटियां की थीं। राज्य सरकार ने इन शिक्षकों पर 1.54 करोड़ रुपये का संचयी जुर्माना लगाया, जो प्रति शिक्षक औसत जुर्माना लगभग 1,600 रुपये बैठता है।
इन 9,218 दोषी शिक्षकों में से 6,561, जिनमें दसवीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करने वाले 2,563 और बारहवीं कक्षा के 3,998 शिक्षक शामिल हैं, पहले ही 1 करोड़ रुपये से कुछ अधिक जमा कर चुके हैं। वहीं जवाब में कहा गया है कि कक्षा 10 के 787 और बारहवीं कक्षा के 1,870 सहित 2,657 शिक्षकों ने अभी तक 53.97 लाख रुपये का जुर्माना जमा नहीं किया है।
बता दें कि मार्च 2022 की बोर्ड परीक्षा में त्रुटियां करने वाले शिक्षकों से लंबित बकाया वसूलने के लिए राज्य शिक्षा विभाग ने उनके स्कूल प्रबंधन और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से उनसे संपर्क किया है।
विभाग ने जारी किया वसूली नोटिस
डिंडोर ने कहा कि ऐसे शिक्षकों के मामले में, जिन्होंने मार्च 2023 में आयोजित बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में त्रुटियां कीं और अभी तक जुर्माना जमा नहीं किया है, विभाग ने उन्हें एक वसूली नोटिस जारी किया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी विवाद से बचने के लिए गलती करने वाले शिक्षकों पर जुर्माना तभी लगाया जाएगा, जब उन्हें व्यक्तिगत रूप से उनकी गलतियां दिखाई जाएंगी। ऐसी त्रुटियों को अनियंत्रित होने से बचाने के लिए, विभाग मूल्यांकन केंद्रों पर तैनात प्रत्येक मूल्यांकन टीम में एक सत्यापनकर्ता नियुक्त करता है।