गुजरात में गोधरा कांड के बाद 2002 में हुए दंगों के मामले के एक दोषी को अहमदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह पेरोल खत्म होने के बाद से दो माह से फरार था। कृष्णानगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक जेआर पटेल ने मंगलवार को बताया कि दोषी कालूभैया राठौड़ (43) को सोमवार को गिरफ्तार किया गया है।
प्राथमिक जांच से पता चला है कि वह अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए पैरोल पर गया था, लेकिन उसने पेरोल का उल्लंघन किया। हत्या, हत्या के प्रयास, दंगे और आगजनी के आरोपों का सामना कर रहे राठौड़ को गुजरात हाईकोर्ट ने 2018 में नरोदा पाटिया में हुए दंगों में भूमिका निभाने के लिए 16 अन्य के साथ दोषी ठहराया था। इस दंगे में अल्पसंख्यक समुदाय के 97 लोग मारे गए थे।
शहर पुलिस ने बताया कि उसे हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और वह अहमदाबाद की साबरमती केंद्रीय जेल में बंद था। राठौड़ के खिलाफ जेल अधिनियम के तहत पेरोल का उल्लंघन करने पर जेल प्रशासन ने आठ सितंबर को कृष्णानगर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।