भारत सरकार के फैसले का सीबीआईसी ने स्वागत किया है और खुशी जाहिर की है। सीबीआईसी अध्यक्ष विवेक जौहरी ने पिछले महीने ही कहा था कि सरकार फर्जी बिलिंग, फर्जी चालान और फर्जी व्यवसायों के प्रति गंभीर है।
भारत सरकार ने शुक्रवार को नई अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) को धन शोधन निवारण एक्ट (पीएमएलए) के तहत लाने का फैसला किया है। जीएसटीएन की जानकारियां अब पीएमएलए के तहत साझा की जा सकती है।
सीबीआईसी ने जाहिर की खुशी
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जानकारों का मानना है कि फर्जी बिलिंग के माध्यस से कर चोरी रोकने के लिए सरकार ने यह फैसला किया है। इससे मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को और अधिक शक्तियां मिलेंगी। जीएसटीएन की जानकारियां अब पीएमएलए की धारा 66 (1) (iii) के तहत साझा की जाएंगी। सरकार के फैसले का सीबीआईसी ने स्वागत किया है और खुशी जाहिर की है। सीबीआईसी अध्यक्ष विवेक जौहरी ने पिछले महीने ही कहा था कि सरकार फर्जी बिलिंग, फर्जी चालान और फर्जी व्यवसायों के प्रति गंभीर है।