सबकी नजर पर पेट्रोल-डीजल
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ रही कच्चे तेल की कीमतों के बीच घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचने की वजह से सबकी नजर परिषद की बैठक पर रहेगी कि इसे जीएसटी के दायरे में लाया जाता है या नहीं। वित्त मंत्री
अरुण जेटली ने पहले भी कहा है कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाएगा, इस पर सहमति है लेकिन कब से ऐसा होगा, इस पर परिषद में ही फैसला होगा। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी इसे जीएसटी के दायरे में लाने की वकालत कर चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इन ईंधनों के जीएसटी के दायरे में आ जाने से खुदरा कीमत में उल्लेखनीय कमी होगी। लेकिन इस पर राज्यों के आसानी से सहमत होने के भी आसार नहीं हैं, क्योंकि अधिकतर राज्य इन ईंधनों पर काफी अप्रत्यक्ष कर वसूलते हैं।