उन्होंने कहा, इसरो ने देश के इस महत्वाकांक्षी अभियान के लिए 2021 का लक्ष्य तय किया है, जिसमें हम दिसंबर, 2020 में पहला मानवरहित गगनयान अंतरिक्ष में भेजने के लिए तैयार हैं। सिवन ने कहा, हम अंतरिक्ष में मानव भेजने से पहले कम से कम दो मानवरहित विमान भेजकर तैयारी परखना चाहते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि गगनयान कहां से भेजा जाएगा तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह श्रीहरिकोटा से ही उड़ान भरेगा। हालांकि उन्होंने इसके लिए यहां के लांच पैड में कुछ जरूरी तब्दीलियां करने की आवश्यकता जताई।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस पर देश के नाम संबोधन में घोषणा की थी कि भारत अपना पहला अंतरिक्षयात्री 2022 में गगनयान के जरिए भेजने की कोशिश करेगा। यदि यह अभियान सफल हुआ तो भारत अंतरिक्ष में मानव भेजने वाला दुनिया का महज चौथा देश बन जाएगा।
इसरो ने अपने लिए नए साल की पहली सुबह तक बहुत ही व्यस्त कार्यक्रम तय किया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का लक्ष्य अगले 47 दिन में 10 अंतरिक्ष मिशन लांच करने का है। इसरो के चेयरमैन के. सिवन ने बुधवार को जनवरी 2019 में चंद्रयान-2 (लूनर लैंडर) छोड़ने की तैयारी से पहले की व्यस्तता की जानकारी सभी को दी।
सिवन ने जीएसएलवी मार्क-3 की सफल उड़ान के मौके पर बताया कि चंद्रयान-2 को लांच करने से पहले हम हर हाल में 10 अंतरिक्ष मिशन पूरे करने हैं। इसरो को 6 सेटेलाइट अंतरिक्ष में स्थापित करनी हैं, जबकि 4 लांच व्हीकल मिशन हैं। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर हमारे सामने बहुत बड़ा लक्ष्य है।
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बधाई देते हुए कहा कि इसरो के वैज्ञानिकों को आज जीसेट-29 कम्युनिकेशन सेटेलाइट के सफल प्रक्षेपण के लिए बधाई। इस सेटेलाइट से जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्व राज्यों के दुर्गम इलाकों में ब्राडबैंड कनेक्टिीविटी देने में मदद मिलेगी।