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पीएसी शिविर में ग्रेनेट फटने से मचा हड़कंप

Mon, 05 Sep 2016 06:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मऊ
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यूपी के मऊ के शहर कोतवाली क्षेत्र के ककरिहार गांव में पृथ्वीराज चौहान महाविद्यालय के कैंपस में 20वीं वाहिनी पीएसी की एक कंपनी के शिविर में रविवार की शाम अचानक विस्फोट हो गया। इस घटना में कंपनी कमांडर सहित सात घायल हुए। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। घायल जवानों को उपचार के लिए प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। जहां हालत गंभीर देख डाक्टरों ने कंपनी कमांडर को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। कंपनी कमांडर राम अवतार राम का बांया हाथ विस्फोट के चलते उड़ गया। 
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सूचना मिलने पर एसपी मऊ शिवहरि मीना के साथ अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में अस्पताल आए 20वीं वाहिनी पीएसी के कमांडर विक्रमादित्य सचान ने बताया कि प्रशिक्षण देने के दौरान तकनीकी खामियों से यह घटना घटी। मामले की जांच कराई जाएगी।

विस्फोट में कंपनी कमांडर और मऊ के कोपागंज निवासी रामअवतार राम के साथ आरक्षी रामजी राम निवासी गाजीपुर, और हेड कांस्टेबल अच्छेलाल सोनकर निवासी देवरिया भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें शारदानरायण अस्पताल में भर्ती किया गया। 
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डाक्टरों ने रामअवतार को अधिक गंभीर स्थिति देख वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। शारदानरायण हास्पिटल के डाक्टर संजय सिंह ने बताया कि रामअवतार का बांया हाथ उड़ गया है। इसके अलावा उनकी आंख और सीने में भी विस्फोट का असर है जबकि रामजी राम और अच्छेलाल के शरीर में अनगिनत छर्रे लगें है। बाकी को मामूली चोटे आई हैं।
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'गनीमत रही कि विस्फोट होने वाला ग्रेनेड छोटा था'

- फोटो : demo
मौका मुआयना करने के बाद कंपनी कमांडर विक्रमादित्य सचान ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान हादसा हुआ। बताया जाता है शाम को साढ़े चार बजे के करीब असलहों की सफाई करने के बाद कंपनी कमांडर सभी को हथियारों के बारे में बता रहें थे। इस दौरान वो हैंड ग्रेनेड को बांए हाथ में लेकर जमीन पर बैठे साथियों को उसके बारे में बता रहे थे, तभी हैंड ग्रेनेट में विस्फोट हो गया। 

दुर्घटना के बाद कैंप की इस कंपनी में शामिल जवानों को वापस वाहिनी भेजने और वहां से दूसरे जवानों को तैनात करने के निर्देश दिए गए। कमांडेट इस मामले में अन्य आरक्षियों से पूछताछ कर रहें थे। उन्होंने कहा जांच के बाद घटनाक्रम की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना ने बताया कि विस्फोटक का नियम होता है कि विस्फोट के बाद वह उल्टे प्रिज्म के आकार में एक तयशुदा परिधि में उपर की ओर उठता है। हर का अलग-अलग नेचर होता है। रविवार की शाम जो हैंड ग्रेनेड फटा, वह कम शक्तिशाली था, इस कारण उसने कंपनी कमांडर के साथ-साथ पांच मीटर के रेडियस में मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। मामूली रूप से घायल हुए लोगों में कुछ जमीन पर बैठे थे, तो कुछ दूर खड़े थे। बताते चले प्रशिक्षण का कार्य कमरे में चल रहा था, विस्फोट का असर कमरे की छत पर भी देखा गया।
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