फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश में हरित ऊर्जा धीमी: 623 में सिर्फ 2% अस्पताल सौर ऊर्जा से संचालित, 87% पूरी तरह ग्रिड बिजली पर निर्भर

Mon, 25 Aug 2025 04:21 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश के 18 राज्यों के 623 अस्पतालों में केवल 2% सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि 87% पूरी तरह ग्रिड बिजली पर निर्भर हैं। राष्ट्रीय टास्क फोर्स की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। केंद्र ने सभी सरकारी अस्पतालों में सौर संयंत्र लगाने का आदेश दिया। 

विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : FreePik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश के 18 राज्यों के 623 में से 2 फीसदी अस्पताल सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे हैं। बाकी 87 फीसदी अस्पताल बिजली के लिए पूरी तरह ग्रिड आपूर्ति पर निर्भर हैं। इसकी वजह से इन अस्पतालों की ऊर्जा दक्षता सूचकांक में भी बड़ा अंतर पाया गया। यह खुलासा केंद्र सरकार के निर्देश पर गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में किया है जिसे हाल में करीब एक दर्जन सिफारिशों के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपा गया है।
विज्ञापन


जलवायु परिवर्तन को लेकर पेरिस समझौते में किए वादों के चलते भारत ने सभी अस्पतालों को हरित ऊर्जा से जोड़ने का फैसला लिया जिसके लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), क्रोनिक रोग नियंत्रण केंद्र (सीसीडीसी) और ऊर्जा दक्षता अर्थव्यवस्था गठबंधन (एईईई) के शीर्ष अधिकारियों की एक संयुक्त समिति का गठन किया गया।

इसके अलावा केंद्र ने फरवरी 2023 में 76 पन्नों के दिशानिर्देश जारी किए। फिर जून 2024 में क्लाइमेट-स्मार्ट हॉस्पिटल पर राष्ट्रीय सर्वे जारी किया। इसके बाद अक्तूबर 2024 में तत्कालीन स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल ने सभी सरकारी अस्पतालों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का आदेश देते हुए दिसंबर 2024 की डेडलाइन तय की। हालांकि इस बीच भारत में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या भी बढ़कर 1.70 लाख हुई है जिनकी स्थापना के मुख्य नियमों में सौर ऊर्जा भी शामिल है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Milk: सेहत-पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प बना प्लांट मिल्क; पूरी तरह कोलेस्ट्रॉल रहित, घट रहा हृदय रोग का खतरा
 
 2.44 लाख सरकारी और प्राइवेट अस्पताल
इस समिति ने 18 राज्यों के 357 सरकारी और 266 निजी अस्पतालों में एक सर्वे किया जिसमें पता चला कि अस्पतालों में बिजली खपत तेजी से बढ़ रही है, जबकि हरित ऊर्जा अपनाने की रफ्तार बेहद धीमी है। इसके अलावा यहां ऊर्जा प्रदर्शन सूचकांक (ईपीआई) और प्रति बिस्तर वार्षिक बिजली उपयोग में भी बड़ा अंतर दर्ज किया। समिति ने बताया कि भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और यहां तक कि डिस्पेंसरी सहित कुल 2,44,790 सरकारी और प्राइवेट अस्पताल हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- हैदराबाद में इंसानियत शर्मसार: गर्भवती पत्नी की हत्या कर शव के टुकड़े किए, कुछ ऐसे हुआ हैवानियत का खुलासा.....

हर साल आठ हजार मेगावॉट की मांग
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के प्राथमिक से लेकर जिला सरकारी अस्पतालों में कुल बिस्तरों की क्षमता आठ लाख है। इस हिसाब से सरकारी अस्पतालों में एक दिन में बिजली की खपत 24 लाख किलोवाट है। इसके अलावा, भारत में 60 फीसदी ज्यादा स्वास्थ्य सेवाएं निजी क्षेत्र से जुड़े हैं। ऐसे में सटीक हिसाब लगा पाना मुश्किल हैं लेकिन इतना जरूर है कि भारत में सिर्फ अस्पतालों के लिए 40 हजार मेगावॉट से अधिक वृद्धि की संभावना है जो हर साल आठ हजार मेगावॉट की मांग के साथ बढ़ रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें