केंद्र सरकार ने सीजीएचएस कर्मियों को बड़ी राहत प्रदान की है। अब केंद्र सरकार के कर्मचारी और सीजीएचएस कार्डधारक पैनल वाले अस्पतालों में अगले साल 31 मार्च तक मौजूदा रेटों पर ही अपना इलाज करा सकेंगे। यह कदम कोरोना संक्रमण के चलते उठाया गया है। गत जून माह में यह राहत 30 सितंबर तक प्रदान की गई थी। अब इसे आगामी छह माह के लिए बढ़ा दिया गया है। जो भी प्राइवेट अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र, सीजीएचएस के पैनल पर हैं, उन सभी में पूर्व की भांति इलाज और टेस्ट की सुविधा जारी रहेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कोविड 19 के दौरान सरकारी कर्मियों, पेंशनरों और उनके परिजनों को इलाज के लिए कोई दिक्कत न हो, इसके मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। सीजीएचएस के पैनल भी जितने भी अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर हैं, उन सभी में इलाज और टेस्ट कराने के लिए पहले वाले नियम, शर्तें और रेट लागू रहेंगे।
सभी अस्पतालों में जांच के लिए 'नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज' यानी एनएबीएल द्वारा तय की गई फीस वसूली जाएगी। इसे परे हटकर कोई टेस्ट होता है तो वहां पर नॉन एनएबीएल रेट लागू होंगे। एनएबीएल एक जांच एजेंसी है, जिसका काम परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता और तकनीकी क्षमता का तृतीय-पक्ष मूल्यांकन प्रदान करना है।
भारत सरकार ने एनएबीएल को परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशालाओं के लिए मान्यता निकाय के रूप में अधिकृत किया है।इसे राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड भी कहा जाता है।