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ग्रेट निकोबार परियोजना: विभागीय मंजूरी की न्यायिक जांच हुई, आदिवासियों पर असर नहीं; कांग्रेस के सवाल पर सरकार

Sun, 25 Aug 2024 11:06 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ग्रेट निकोबार परियोजना के बारे में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि पूरी योजना न्यायिक जांच से गुजरी है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के इस परियोजना से प्रभावित होने की खबर बेबुनियाद है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आदिवासियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
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भूपेंद्र यादव और जयराम रमेश (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ग्रेट निकोबार परियोजना को भारत के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम बताया है। उन्होंने कहा कि परियोजना को मंजूरी देने से पहले पारिस्थितिकी तंत्र पर संभावित असर का आकलन किया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस परियोजना के सभी पहलुओं पर गहन विचार किया गया है। बकौल भूपेंद्र यादव, इससे जनजातीय आबादी पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश के सवालों का जवाब दिया और कहा कि पर्यावरण मंत्रालय की तरफ से दी गई पर्यावरण और वन मंजूरियां 'न्यायिक जांच' में खरी उतरी हैं।
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क्या है ग्रेट निकोबार परियोजना, कांग्रेस ने कब पूछा सवाल
रमेश ने 10 अगस्त को पत्र लिखा था। भूपेंद्र यादव ने 21 अगस्त को इसका जवाब दिया। उन्होंने बताया कि ग्रेट निकोबार परियोजना का कार्यान्वयन अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह एकीकृत विकास निगम (ANIIDCO) कर रहा है। इसमें एक ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह, एक हवाई अड्डा, एक बिजली संयंत्र और 160 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में एक ग्रीनफील्ड टाउनशिप शामिल है।

आदिवासी समुदायों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को खतरा नहीं
भूपेंद्र यादव ने कहा, ग्रेट निकोबार परियोजना राष्ट्रीय, रक्षा और सामरिक महत्व की है और यह दावा करना 'गलत' होगा कि इससे ग्रेट निकोबार द्वीप के आदिवासी समुदायों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को 'गंभीर खतरा' है।
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