Delhi Air Quality: देश की राजधानी में लगातार बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए अब ग्रैप-3 को दिल्ली सरकार की तरफ से लागू कर दिया गया है। इसके तहत जहां तमाम प्रतिबंध लगाए जाएंगे वहीं तमाम हिदायतें भी दिल्ली-एनसीआर वासियों को दिए गए हैं।
दिल्ली में इस समय 43वां अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला चल रहा है। इसमें दुनिया के 11 देशों के साथ-साथ 33 राज्यों और 49 मंत्रालय शामिल हैं। लेकिन इसी बीच दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली सरकार ने ग्रैप 3 लागू करने का निर्णय ले लिया है। इससे अंतरराष्ट्रीय मेले में पहुंचने वाले लोगों की संख्या पर असर पड़ सकता है।
विज्ञापन
ग्रैप-3 के मायने क्या?
दरअसल, ग्रैप 3 लागू होने के कारण अब दिल्ली में डीजल वाहनों को नहीं चलाया जा सकेगा। निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक लागू हो जाएगी। गैर इलेक्ट्रिक और गैर सीएनजी डीजल वाहनों के दिल्ली में लाने पर प्रतिबंध लग जाएगा। दिल्ली में पांचवीं तक के बच्चों के स्कूल बंद किए जा सकते हैं और उन्हें ऑनलाइन मोड से पढ़ाया जा सकता है। प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार पानी के छिड़काव वाले वाहनों को बढ़ा सकती है।
क्या और किन पर होगा असर?
बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ सकता है। बच्चों को एक बार फिर ऑनलाइन मोड में पढ़ाया जा सकता है। दिल्ली से बाहर से आने वाले वाहनों पर प्रतिबंध के कारण आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई पर असर पड़ सकती है। इससे कुछ वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी भी हो सकती है।
विज्ञापन
ग्रैप-3 से ट्रेड फेयर पर क्या पड़ेगा असर?
दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों पर ग्रैप 3 का असर पड़ सकता है। यदि वे डीजल वाहनों का प्रयोग करते हैं तो उन्हें दिल्ली में प्रवेश में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। यदि प्रदूषण और अधिक गंभीर होता है तो सरकार ग्रैप 4 लागू करने पर विचार कर सकती है। इससे बीएस 6 के नीचे के मानकों पर आधारित निजी वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। दिल्ली में ऑड-इवेन पर भी विचार किया जा सकता है। इससे दिल्ली आने वाले लोगों और ट्रेड फेयर घूमने के इच्छुक लोगों पर असर पड़ सकता है।