पिछले लोकसभा चुनाव में राजद और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था। राजद ने अपने कोटे की 27 में से चार तो कांग्रेस ने 13 सीटों में से केवल दो पर जीत हासिल की थी। राजद इस बार भी 27 या उससे भी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। राजद की मानें तो उनका वोट शेयर महागठबंधन के बाकी दलों से ज्यादा है।
सीटों को लेकर विवाद की स्थिति भी बनती दिख रही है। रालोसपा और राजद के बीच जहानाबाद सीट को लेकर बातचीत जारी है। यहीं नहीं दरभंगा लोकसभा सीट के लिए भी तीन दावेदार है- राजद के अब्दुल बारी सिद्दकी, कांग्रेस के टिकट पर कीर्ति आजाद और वीआईपी के मुकेश साहनी। यही हाल सीतामढ़ी को लेकर भी देखने को मिल रहा है।
कांग्रेस जहां सीट बंटवारे को लेकर फरवरी के पहले हफ्ते में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के होने वाली रैली को देखते हुए इंतजार कर रही है। वहीं आपसी बयानबाजी का दौर भी जारी है।
राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा है कि गठबंधन के सभी दलों को एक ही कॉमन एजेंडा के तहत एक ही चुनाव चिन्ह पर लड़ना चाहिए। उनके बयान पर जीतन राम मांझी ने कहा कि हम उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। बता दें कि मांझी ने हाल ही में रिम्स में लालू यादव से मुलाकात की थी।