जुलाई में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री का कार्यभार संभालने वाले मनोज सिन्हा ने कहा कि मेरा मंत्रालय किसी भी ऐसे नई तकनीक का समर्थन नहीं करेगा जो नुकसान और बर्बाद करने वाली हो।
मनोज सिन्हा ने कहा कि,'दूरसंचार मंत्रालय 'प्रौद्योगिकी से संबंधित' है।' उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा राष्ट्र हित से समौता करने वाली किसी भी नई तकनीक के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। मनोज सिन्हा ने आगे कहा केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय की नजर में नई तकनीक को लेकर उपभोक्ताओं का हित महत्वपूर्ण होगा।
सिन्हा से जब पूछ गया कि वह सितंबर में होने वाली स्पेक्ट्रम नीलामी से 5.5 लाख करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने को लेकर आशावादी हैं। सिन्हा ने कहा इसे हासिल करने को लेकर ज्यादा बाधा नहीं आएगी।
फर्स्ट पोस्ट के मुताबिक मनोज सिन्हा ने आरक्षित मूल्य में बदलाव की संभावना से इंकार किया है उन्होंने कहा,'अगर हम कोई बदलाव करते हैं तो लोग कहेंगे कि 'खेल हो गया है।'