कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आपातकाल की 50वीं बरसी मनाने के लिए 25-26 जून को संसद का विशेष सत्र बुलाने पर विचार किया जा रहा है। यह प्रधानमंत्री द्वारा वास्तविक और अधिक जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने की एक और क्लासिक कवायद होगी।
कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार से ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रही है। अब कांग्रेस ने दावा किया है कि केंद्र सरकार आपातकाल की 50वीं बरसी मनाने के लिए अगले महीने संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी की जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने की एक और कोशिश है।
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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 22 अप्रैल की रात से ही कांग्रेस पहलगाम आतंकी हमले और उसके परिणामों पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रही है। ऐसा अभी तक नहीं हुआ है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि इसके बाद 10 मई को लोकसभा में विपक्ष के नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने और एक प्रस्ताव के माध्यम से राष्ट्र के सामूहिक संकल्प को प्रदर्शित करने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री ने उस सुझाव को भी स्वीकार नहीं किया।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि अब लग रहा है कि आपातकाल की 50वीं बरसी मनाने के लिए 25-26 जून को संसद का विशेष सत्र बुलाने पर विचार किया जा रहा है। यह प्रधानमंत्री द्वारा वास्तविक और अधिक जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने की एक और क्लासिक कवायद होगी। उन्होंने कहा कि वह व्यक्ति जिसने देश को 11 साल तक अघोषित आपातकाल के तहत रखा और वह व्यक्ति जो यह जवाब देने से इनकार करता है कि पहलगाम के आतंकी अभी भी फरार क्यों हैं, उसने राष्ट्रपति ट्रंप को युद्धविराम की मध्यस्थता करने की अनुमति क्यों दी और उसने 19 जून, 2020 को सार्वजनिक रूप से चीन को क्लीन चिट क्यों दी?
कांग्रेस बार-बार प्रधानमंत्री मोदी से ट्रंप प्रशासन के भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम में मध्यस्थता दावों पर चुप्पी तोड़ने की मांग कर रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार दावा करते रहे हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को सुलझाने में मदद की है।