केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नोटबंदी पर जनता के सामने सरकार और बैंकों के प्रयासों को रखा। उन्होंने बैंक कर्मियों की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार ने जब ये निर्णय लिया था कि 500 और हजार के नोट अब बंद हो जाएंगे और एक विकल्पीय करेंसी आएगी, तो स्वाभाविक था कि नोटों को बदलवाने के लिए लोग बैंकों में जाएंगे और भीड़ होगी। ये बहुत बड़ा ऑपरेशन है। अभी ये ऑपरेशन शुरू हुआ है। ये कितना बड़ा होगा, इसकी कल्पना करना मुश्किल है। हम बैंकों से हर रोज डाटा नहीं मंगवाया रहे हैं, क्योंकि ये संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक के आंकड़ों से आप बैकिंग सेक्टर में क्या चल रहा है इसका अनुमान लगा सकते हैं। करेंसी बदलने के लिए बैंक में पांच तरह के ट्रांजैक्शन है। लोग कैश जमा कर रहे हैं, कैश निकलवा रहे हैं। एटीएम से निकाल रहे हैं। इसके साथ अन्य तरीके भी हैं, तो इन पांचों तरीकों से स्टेट बैंक ने शनिवार को सवा 2 बजे तक 2.28 करोड़ से ज्यादा का लेन देन किया है। अगर आप इसका गुणात्मक देखें, तो पता चलता है कि बैंक कितना लेन देन कर रहे हैं।
स्टेट बैंक के जो मॉनेटरी लेन देन हैं वो 54 हजार करोड़ से ज्यादा का है। अभी तक स्टेट बैंक ने अकेले ही 58 लाख लोगों के पैसे एक्सचेंज किए हैं। पिछले दो दिनों और आज के कुछ घंटों में करोड़ों की संख्या में लोग पैसा जमा कर रहे हैं, निकाल रहे हैं और बदल रहे हैं। ये अपेक्षा थी कि ये कोई रात भर में नहीं होगा। इसमें समय लगेगा। रिजर्व बैंक के पास पर्याप्त पैसा है।
क्या है चुनौतियां?
आरबीआई
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अरुण जेटली ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में कुछ लोग लगातार बैंक आते रहेंगे। मेरी बस इतनी अपील है कि करेंसी जमा करने और निकालने के लिए पर्याप्त समय है। इसलिए संयम रखें। दूसरी इसमें एक टेक्नोलॉजी की वजह से सीमा है। दो लाख एटीएम मशीनों को अपग्रेड नहीं किया गया, क्योंकि ऐसा होने पर मामला गुप्त नहीं रह पाता। ऐसे में टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने में समय लगता है। नए नोट के लिए मशीनें रीकैलिब्रेट की जा रही है, इसलिए 100 रुपये के नोट ही मिल रहे हैं। कहा जा सकता है कि इसमें समय लगेगा।
उन्होंने कहा कि बहुत राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही है और इसमें से बहुत कुछ गैरजिम्मेदारी से भरे हैं। ये कहा जा रहा है कि एक सप्ताह के लिए लोगों को खुली छूट दे दो। कांग्रेस कह रही है कि हमारा पैसा है हम क्यों दें। सवाल ये है कि आपने पैसे पर टैक्स दिए हैं कि नहीं। पिछले एक वर्ष में केवल एक महीने में बैंकों में स्पाइक (बैंक डिपॉजिट का बढ़ना) आया है और इसलिए आया क्यों कि 31 अगस्त को पे कमीशन के एरियर आए थे।
जेटली ने एक और आग्रह करते हुए कहा कि किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं। जैसा कि नमक को लेकर हुआ है। इस योजना का मकसद साफ सुथरा लेन देन और साफ सुथरी मुद्रा को लेकर है। जितनी भी अफवाहें आई हैं, सब झूठ हैं। जो भी इंटेलिजेंस की खबरें आती हैं, उनकी ईडी जांच करता हैं।
आरबीआई के पास है बहुत पैसा
फाइल फोटो: RBI गवर्नर उर्जित पटेल
उन्होंने कहा कि खबरें ये भी आई है कि पुरानी करेंसी से लोग गोल्ड का स्टॉक कर रहे हैं, तो इस बारे में जानकारी मांगी गई है। सरकार ये कभी स्वीकार नहीं करेगी कि किसी भी तरह गैरकानूनी काम हो। मैं एक बार फिर आश्वासन दिलाना चाहता हूं कि आरबीआई के पास बहुत पैसा है और उसे ट्रांसपोर्ट किया जाता है। हो सकता है कुछ जगहों पर इनमें टाइम लग जाए। एटीएम को रीकैलिब्रेट करने में टाइम लगता है, जैसा कि मैंने बताया कि बड़ी संख्या में ग्राहकों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
वित्तमंत्री ने कहा कि जहां तक फेक करेंसी का सवाल है उस पर सरकार की एजेंसी विशेष तौर से अपनी नजर बनाए रखें है। संभव हो तो प्लास्टिक मनी का उपयोग करें। डेबिट, क्रेडिट कार्ड का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें, जिसकी संभावना नई अर्थव्यवस्था में ज्यादा है।