देश के किस इलाके के किस स्कूल में कितने बच्चों ने मिड-डे मील खाया या नहीं खाया और क्या खाया, कितने बजे खाया इसकी पूरी रिपोर्ट स्कूल की छुट्टी होने से पहले केंद्र सरकार को मिल जाया करेगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय देशभर के सभी बच्चों को समय से मिड-डे मील मुहैया करवाने के लिए प्रतिदिन ऑनलाइन मॉनेटरिंग करेगा।
मंत्रालय और एनआईसी के विशेषज्ञ खाका तैयार कर रहे हैं। सरकार जुलाई से इस योजना को शुरू करेगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय चाहता है कि देशभर के सभी बच्चों को समय से मिड-डे मील मिले। हालांकि स्कूल राज्य सरकारों के अधीन आते हैं, जिसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को तीन या छह महीने के आधार पर मिलती है। लेकिन उस रिपोर्ट में भी स्कूल वाइज जानकारी नहीं होती है। यानी किन स्कूलों में बच्चों को मिड-डे मील नहीं मिल पा रहा है, उसकी कोई जानकारी न मिलने के चलते मंत्रालय मिड-डे मील को प्रतिदिन ऑनलाइन मॉनेटरिंग करने जा रहा है।
बता दें कि देशभर में 11.51 शिक्षण संस्थानों में 10.13 करोड़ छात्र मिड-डे मील का लाभ उठाते हैं। इसमें से 60 से 100 सौ फीसदी तक का खर्च केंद्र सरकार उठाती है।