Congress: आरबीआई ने सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश दिया है, जिसे लेकर कांग्रेस ने केंद्र पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार की आर्थिक स्थिति उतनी मजबूत नहीं है, जितनी दिखाई जा रही है और आरबीआई ने 'मेहरबानी' करते हुए ज्यादा पैसा दिया है। पढ़िए रिपोर्ट-
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश दिया है। यह अब तक की सबसे बड़ी रकम है। इसको लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि सरकार की आर्थिक हालत उतनी मजबूत नहीं है, जितनी दिखाई जा रही है। कांग्रेस ने कहा कि आरबीआई ने सरकार पर 'मेहरबानी' करते हुए उसे बड़ा बोनस दिया है।
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आरबीआई ने शुक्रवार को मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष के लिए सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड डिविडेंड देने की घोषणा की थी। इससे पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण बढ़ते आयात बिल और आपूर्ति श्रृखंला में आई दिक्कतों के बीच सरकार को आर्थिक मदद मिलेगी। यह डिविडेंड 2024-25 में दिए गए 2.69 लाख करोड़ रुपये से 6.7 फीसदी ज्यादा है।
जयराम रमेश ने क्या कहा?
कांग्रेस के महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि केंद्र सरकार की वित्तीय स्थिति उतनी अच्छी नहीं है, जितनी बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका सबूत यह है कि आरबीआई ने सरकार को बड़ा बोनस दिया है। उन्होंने कहा कि आरबीआई ने लगातार तीन साल तक अपनी आपातकालीन जोखिम सुरक्षा निधि (कंटिजेंसी रिस्क बफर) को बढ़ाने के बाद 2025-26 के लिए इसे कम करने का फैसला किया। इसी वजह से केंद्र सरकार को मिलने वाला डिविडेंड बहुत ज्यादा बढ़ गया।
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जयराम रमेश ने दावा किया कि अगर 2024-25 का कंटिजेंसी रिजर्व बफर कम नहीं किया जाता, तो सरकार को जितनी राशि मिलती, उससे 92 हजार करोड़ रुपये ज्यादा का फायदा अब मिला है।
आरबीआई ने क्या कहा?
आरबीआई ने कहा कि 2025-26 में उसकी कुल कमाई 3.96 लाख करोड़ रुपये रही। यह वह रकम है जो जरूरी सुरक्षा के लिए पैसा अलग रखने और सरकारी फंड में पैसा भेजने से पहले की कमाई है। पिछले साल यानी 2024-25 में RBI की कमाई 3.13 लाख करोड़ रुपये थी। आरबीआई ने यह भी बताया कि 31 मार्च 2026 तक बैंक की बैलेंस शीट 20.61 प्रतिशत बढ़कर 91,97,121.08 करोड़ रुपये हो गई। आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की बैठक में वैश्विक और घरेलू आर्थिक स्थिति की समीक्षा की गई। इसमें भविष्य के जोखिमों पर भी चर्चा हुई और डिविडेंड को मंजूरी दी गई।