1 अक्तूबर से लागू होगा ईएफटीए समझौता- पीयूष गोयल
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देश में लौह अयस्क और इस्पात का उत्पादन व निर्यात बढ़ाने पर सरकार लगातार जोर दे रही है। मंगलवार को लौह अयस्क और इस्पात उत्पादन, निर्यात को बढ़ावा देने और क्षमता उपयोग को अनुकूलतम बनाने के उपायों पर चर्चा के लिए अंतर-मंत्रालयी बैठक हुई। इसमें केंद्रीय मंत्रियों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और ओडिशा के मंत्री विभूति भूषण जेना ने भाग लिया। सभी मंत्रियों ने अपने मंत्रालय से जुड़े प्रस्तावों पर बात की।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि विचार-विमर्श में प्रमुख चर्चा बिंदुओं में उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देना, लागत को बेहतर बनाना, क्षमता उपयोग को अनुकूलित करना और व्यापार करने में आसानी को मजबूत करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि कोयला एवं खान मंत्री किशन रेड्डी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और ओडिशा सरकार में मंत्री बिभूति जेना के साथ लौह अयस्क और इस्पात के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सुधार पर एक उपयोगी बैठक हुई।
उन्होंने कहा कि सरकार-उद्योग के बीच मजबूत सहयोग और मंत्रालयों एवं राज्य सरकारों के बीच समन्वय से भारत लौह एवं इस्पात उद्योग के लिए एक प्रतिस्पर्धी, लचीला और टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहा है।